देश की खबरें | अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के लिए यूनेस्को की अंतरसरकारी समिति में भारत भी शामिल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के सुरक्षा मानकों के लिए यूनेस्को के 2003 के समझौते की अंतरसरकारी समिति’ में 2022-2026 की अवधि के लिए चुना गया है।
नयी दिल्ली, सात जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के सुरक्षा मानकों के लिए यूनेस्को के 2003 के समझौते की अंतरसरकारी समिति’ में 2022-2026 की अवधि के लिए चुना गया है।
भारत इससे पहले आईसीएच समिति का सदस्य 2006 से 2010 तक और 2014 से 2018 तक दो बार रह चुका है।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने ट्वीट किया, ‘‘देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब वह यूनेस्को की दो प्रतिष्ठित समितियों में शामिल है। इनमें अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (2022-2026) और विश्व विरासत (2021-2025) समितियां हैं। यह भारत के लिए ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मूल्यों को पुन:स्थापित करने का एक और अवसर होगा।’’
यूनेस्को के अनुसार अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा मानकों के लिए अंतरसरकारी समिति का मुख्य कार्य समझौते के उद्देश्यों को पूरा करना, सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीकों पर दिशानिर्देश देना और अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए उपायों पर सिफारिश करना है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एशिया-प्रशांत समूह में चार सीट रिक्त थीं और छह देशों-भारत, बांग्लादेश, वियतनाम, कंबोडिया, मलेशिया एवं थाइलैंड ने अपनी उम्मीदवारी पेश की थी।
बयान के मुताबिक भारत को 155 देशों में से 110 के वोट मिले।
2003 के समझौते की अंतरसरकारी समिति में 24 सदस्य हैं।
वैभव सुभाष
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)