जरुरी जानकारी | आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिये लागत मुद्रास्फीति सूचकांक अधिसूचित किया

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नयी दिल्ली, 15 जून आयकर विभाग ने अचल संपत्ति की बिक्री से होने वाले दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ के आकलन को लेकर चालू वित्त वर्ष के लिये लागत मुद्रास्फीति सूचकांक को अधिसूचित कर दिया है।

करदाता लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (सीआईआई) का उपयोग महंगाई समायोजित करने के बाद पूंजीगत वस्तुओं की बिक्री से होने वाले लाभ के आकलन के लिये करते हैं।

वित्त वर्ष 2022-23 और आकलन वर्ष 2023-24 के लिये लागत मुद्रास्फीति सूचकांक 331 है।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि लागत मुद्रास्फीति सूचकांक करदाताओं को दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर की गणना करने में मदद करेगा। इससे वे समय पर अग्रिम कर जमा कर सकेंगे।

मोहन ने कहा, ‘‘पिछले कुछ साल से मुद्रास्फीति सूचकांक तेजी से बढ़ रहा है। यह देश में बढ़ती महंगाई को दर्शाता है।’’

लागत मुद्रास्फीति सूचकांक को आयकर कानून, 1961 के तहत हर साल अधिसूचित किया जाता है। किसी भी पूंजीगत संपत्ति की बिक्री के समय पूंजीगत लाभ की गणना के लिये अधिग्रहण लागत के आकलन में इसका उपयोग किया जाता है।

आमतौर पर, लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के लिये संपत्ति को 36 महीने से अधिक समय तक (अचल संपत्ति और गैर-सूचीबद्ध शेयर के लिये 24 महीने और सूचीबद्ध प्रतिभूतियों के लिए 12 महीने है) अपने पास रखने की आवश्यकता होती है।

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