देश की खबरें | भ्रष्टाचार के मामले में वांछित फरार प्रधान आरक्षक दिल्ली पुलिस के शिकंजे में

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल दिल्ली पुलिस की सतर्कता इकाई ने एक मुख्य आरक्षक को निजी भूखंड पर निर्माण कार्य की अनुमति देने के एवज में 25,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की सतर्कता इकाई ने जाल बिछाकर आरोपी मुख्य आरक्षक गजेंद्र सिंह को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों पकड़ा था, जहां से वह भाग गया और कई सप्ताह से मामले में फरार था।

अधिकारियों ने बताया कि बीट अधिकारी के तौर पर तैनात सिंह के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें उस पर निर्माण कार्य की अनुमति के लिए पैसों की मांग करने का आरोप लगाया गया था।

उन्होंने बताया कि सतर्कता इकाई ने चार अप्रैल को एक जाल बिछाया, जिसके तहत सिंह ने अपनी कार में रिश्वत की रकम स्वीकार की। हालांकि, गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान सिंह सतर्कता टीम के एक सदस्य को घायल कर पैसों के साथ मौके से फरार हो गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे द्वारका जिला पुलिस द्वारा निलंबित कर दिया गया था। फरारी के दौरान उसने राउज एवेन्यू अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया।"

उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद सिंह को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

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