देश की खबरें | अमेरिका में अवैध प्रवासन : ई़डी ने पंजाब, चंडीगढ़ में कई वीजा सलाहकार फर्म के ठिकानों पर छापे मारे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिका जाने के इच्छुक उम्मीदवारों को आव्रजन सेवाएं प्रदान करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में पंजाब के लुधियाना और चंडीगढ़ में कई वीजा सलाहकार फर्म के ठिकानों पर छापे मारे। ईडी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 26 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिका जाने के इच्छुक उम्मीदवारों को आव्रजन सेवाएं प्रदान करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में पंजाब के लुधियाना और चंडीगढ़ में कई वीजा सलाहकार फर्म के ठिकानों पर छापे मारे। ईडी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के विदेशी आपराधिक जांच कार्यालय की शिकायत पर पंजाब और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से उपजा है।

शिकायत में कहा गया है कि रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स और कुछ अन्य कंपनियों ने “धोखाधड़ी” संबंधी गतिविधियों की साजिश रची।

ईडी ने एक बयान में कहा कि मंगलवार को पंजाब के लुधियाना और चंडीगढ़ में रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स, इंफोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और कुछ अन्य कंपनियों के पांच व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई।

बयान के अनुसार, तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 19 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

इसमें कहा गया है कि आरोपी कंपनियों और उनका संचालन करने वाले लोगों ने अमेरिका में पढ़ाई या नौकरी के इच्छुक ऐसे आवेदकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों/अनुभव पत्रों में “जालसाजी” की थी, जिनके पास “वीजा पाने के लिए वांछित योग्यता नहीं थी।”

बयान के मुताबिक, ईडी ने पाया कि आरोपियों ने वीजा आवेदन के लिए बैंक खाते में जरूरी “न्यूनतम” राशि दिखाने के लिए वीजा आवेदकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की और उन्होंने तथ्यों एवं परिस्थितियों से “छेड़छाड़” कर अमेरिका के लिए वीजा प्राप्त करने की पात्रता दिखाने में ऐसे व्यक्तियों की “गलत तरीके से” मदद की।

इसमें कहा गया है कि आरोपियों ने इस काम के लिए इच्छुक उम्मीदवारों से कमीशन लिया।

बयान के अनुसार, आरोपी कंपनियों ने वीजा आवेदकों से कमीशन के रूप में वसूली गई “भारी-भरकम” राशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया और इनका निवेश चल एवं अचल संपत्तियों की खरीद के लिए किया।

अवैध प्रवासन और मानव तस्करी का मुद्दा हाल-फिलहाल में फिर सुर्खियों में आया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित नयी नीति के तहत वाशिंगटन ने सैकड़ों अवैध भारतीय प्रवासियों को स्वदेश निर्वासित किया।

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