देश की खबरें | आईआईटी खड़गपुर के छात्र की मौत: अदालत ने 20 फरवरी को पुलिस से अंतिम जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा

कोलकाता, छह फरवरी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल पुलिस को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-खड़गपुर (आईआईटी-के) के तृतीय वर्ष के छात्र फैज़ान अहमद की छात्रावास के कमरे में अप्राकृतिक मौत की जांच के संबंध में अपनी अंतिम रिपोर्ट 20 फरवरी को दायर करने का सोमवार को निर्देश दिया।

अहमद का शव पिछले साल 14 अक्टूबर को संस्थान के छात्रावास के एक कमरे से मिला था।

मृत छात्र के पिता के वकील ने आरोप लगाया कि अपराध को दबाने की कोशिश हो रही है और अदालत से आग्रह किया कि वह मामले की तफ्तीश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) या उस एजेंसी के हवाले करे, जिसे अदालत उपयुक्त मानती है।

न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह फैज़ान अहमद की मौत के मामले की जांच के संबंध में अपनी अंतिम रिपोर्ट 20 फरवरी को दायर करे। अदालत में पुलिस का प्रतिनिधित्व खड़गपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राणा मुखर्जी कर रहे थे।

न्यायमूर्ति मंथा ने विद्यार्थियों का मानसिक कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी को पहले जारी निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट दायर करने की तारीख भी 20 फरवरी कर दी है, जो पहले 13 फरवरी थी। बीस फरवरी को ही मृत छात्र के पिता सलीम अहमद की याचिका पर फिर से सुनवाई होगी।

सलीम अहमद के वकील रंजीत चटर्जी ने दावा किया कि छात्र की मौत हुए चार महीने हो गए हैं, लेकिन जांच में कोई उचित प्रगति नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस के मुताबिक, फैज़ान ने चिंता-विरोधी दवा अधिक मात्रा में ली थी, लेकिन छात्रावास के कमरे से जब्त सामान में ऐसी दवा या पत्ते का कोई उल्लेख नहीं है।

उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पक्के तौर पर कुछ नहीं बताती है और आरोप लगाया कि फैज़ान की मौत हिंसा का नतीजा हो सकती है।

एएसपी ने अदालत से कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हत्या किए जाने की बात नहीं कहती है और फैज़ान के कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था।

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