देश की खबरें | मुख्यमंत्री यदि निष्पक्ष हैं तो मंत्री आलमगीर आलम और अपने प्रतिनिधि को गिरफ्तार कराएं: बाबूलाल मरांडी

रांची, 25 जून भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यदि निष्पक्ष हैं तो वह बंदोबस्ती के दौरान सोमवार को हुई मारपीट और सरकारी काम की ठेकेदारी के विवाद में कथित धमकी भरे ऑडियो टेप सामने आने के मामले में राज्य के मंत्री आलमगीर आलम तथा मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कराएं।

मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है, ‘‘अगर आप सही में निष्पक्ष हैं और इस मामले में आपकी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कहीं से भी कोई संलिप्तता नहीं है तो 24 घंटे के अंदर मंत्री और अपने प्रतिनिधि को गिरफ्तार कराएं। क्योंकि यह मामला सीधे आपकी प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इससे आप पल्ला झाड़कर बच नहीं सकते हैं।’’

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मरांडी ने मांग की है कि इन दोनों लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘अगर ऐसा नहीं होता है और मामले में लीपापोती का प्रयास किया जाता है तो माना जाएगा कि सबकुछ आपके संरक्षण में हो रहा है। साथ ही मंत्री और आपके प्रतिनिधि का यह कथन भी अक्षरक्षः सही साबित होगा कि पूरे सिस्टम की चाभी उन्हीं लोगों के हाथ है।’’

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मरांडी ने पत्र में कहा, ‘‘मैं आपका ध्यान साहिबगंज जिले के बरहड़वा नगर पंचायत के सैरात :बंदोबस्ती प्रक्रियाः में हुई मारपीट और इस प्रक्ररण में आपके मंत्रिमंडल के सहयोगी मंत्री आलमगीर आलम तथा बरहेट विधानसभा से आपके प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की भूमिका को लेकर आकृष्ट कराना चाहता हूं। इनके बारे में समाचार-पत्रों में भी प्रमुखता से खबरें छपी हैं। वहीं, इन लोगों का धमकी भरा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।’’

ठेकेदार शंभू भगत, मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र बरहेट के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और राज्य के ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम की कथित बातचीत का ऑडियो टेप सामने आया है जिसमें वे ठेकेदार को स्थानीय नीलामी में शामिल न होने की कथित तौर पर हिदायत देते सुनाई देते हैं। यह भी आरोप है कि बात न मानने पर पुलिस के सहयोग से ठेकेदार के साथ मारपीट की गई।

मरांडी ने कहा कि सोशल मीडिया पर आई ऑडियो क्लिप के अनुसार पहले तो मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि द्वारा ठेकेदार को नीलामी में भाग नहीं लेने की धमकी दी गई। फिर पुलिस-प्रशासन के सहयोग से ठेकेदार को बंदोबस्ती स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पूरा प्रयास किया गया। बावजूद इसके जब ठेकेदार ने बंदोबस्ती स्थल पर पहुंचकर नीलामी में भाग लेना चाहा तो पुलिसिया जांच के बहाने उसे बाहर निकलवाकर उसके साथ मारपीट तक की गई।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘आप पारदर्शी शासन का दंभ भरते हैं। अगर वास्तव में आप राज्य को पारदर्शी शासन देना चाहते हैं तो मंत्री को अविलंब गिरफ्तार करवाकर जेल में डालिए। कितनी दुखद बात है कि मंत्री और आपके प्रतिनिधि द्वारा कहा जाता है कि सब कुछ हमारे हाथ में है, पूरा सिस्टम हमारे हाथ में है।’’

, इन्दु,

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