देश की खबरें | केंद्र बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे दे तो गरीब परिवारों को सहायता का काम शीघ्र हो जाएगा पूरा: नीतीश कुमार

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पटना, 26 नवंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार अगर बिहार काे विशेष राज्य का दर्जा दे दे तो जातीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष के मुताबिक हर गरीब परिवार को रोजगार के लिए दो लाख रुपये की सहायता राशि देने के काम दो वर्ष में पूरा हो जायेगा।

नीतीश कुमार ने यहां बाबा साहब भीम राव आंबेडकर के सम्मान में संविधान दिवस के अवसर पर अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा आयोजित ‘‘भीम संसद’’ नामक एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘हम समाजवादी राम मनोहर लोहिया के अनुयायी हैं, जिनका आंबेडकर के साथ घनिष्ठ संबंध था। हमलोग अपनी पार्टी के कार्यालय में महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, लोकनायक जय प्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र को लगाये हुए हैं। इन्हीं लोगों के विचारों पर हमलोग चल रहे हैं।’’

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए टिप्पणी की, ‘‘केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों ने संविधान के निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभाई है।’’

बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहने वाले नीतीश कुमार ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनके नेतृत्व में उठाए गए विभिन्न उपायों के बारे में चर्चा की जिनमें एससी, एसटी, ओबीसी और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण में हालिया बढ़ोतरी भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि बिहार में जाति आधारित गणना के साथ-साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया गया है।

उन्होंने कहा कि सर्वे में सामने आये हर गरीब परिवार को दो लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा ताकि वे लोग अपना नया काम शुरु कर सकें।

कुमार ने कहा, ‘‘इस पर दो लाख 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। हमलोग इसे पांच वर्ष में प्रति वर्ष 50 हजार करोड़ रुपया खर्च कर पूरा करेंगे लेकिन अगर केंद्र सरकार बिहार का विशेष राज्य का दर्जा दे दे तो यह काम दो वर्ष में पूरा हो जायेगा। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए हमलोग अभियान चलायेंगे।’’

पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ चुके और तब से इंडिया गठबंधन के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे शीर्ष जदयू नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कोई काम नहीं कर रही है, वह सिर्फ अपना प्रचार-प्रसार कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की जबकि 40 प्रतिशत राज्य सरकार की राशि लगती है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार उसको अपनी योजना बताती है।

अपने चिरपरिचित अंदाज में कुमार ने इस अवसर पर मौजूद पत्रकारों की ओर मुखातिब होते हुए कहा, ‘‘मैं आप लोगों से भी आग्रह करता हूं कि आप बिहार को विशेष दर्जा देने की मेरी मांग का समर्थन करें क्योंकि इससे समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि आप पूरी आजादी के साथ काम करने में असमर्थ हैं। चिंता न करें। एक बार जब हम केंद्र में मौजूदा शासन से छुटकारा पा लेंगे तो आप अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपनी कलम चलाने में सक्षम होंगे।’’

भीम संसद का आयोजन राज्य मंत्री अशोक चौधरी द्वारा किया गया था जिन्हें जदयू के दलित चेहरे के रूप में देखा जाता है, ।

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