देश की खबरें | शरत ने मा लोंग को कड़ी चुनौती देने के बाद कहा, मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया
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तोक्यो, 27 जुलाई भारत के शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में चीन के दिग्गज खिलाड़ी मा लोंग के खिलाफ शिकस्त के बावजूद उन्होंने दो दशक लंबे अपने करियर के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ मैच खेला।
शरत ने 39 साल की उम्र में गत विश्व और ओलंपिक चैंपियन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके दिखा दिया कि वह अब भी अपने खेल के शीर्ष पर हैं।
चीन के दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ राउंड आफ 32 मुकाबले में प्रदर्शन से शरत को यकीन हो गया है कि वह पेरिस ओलंपिक में भी हिस्सा ले पाएंगे जो ‘सिर्फ’ तीन साल दूर हैं।
दुनिया के 32वें नंबर के खिलाड़ी शरत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैंने सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया और यह मेरे सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक खेल थे, सिर्फ मैं जिस तरीके से खेला उसके कारण। मैं यहां अगर किसी चीज को बदलना चाहूंगा तो वह ड्रॉ है। अगर इस स्थिति में कोई (मा लोंग के अलावा) और होता तो मेरे पास क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने का वास्तविक मौका होता।’’
शरत स्वयं भी हैरान हैं कि वह सटीक और तेजतर्रार फोरहैंड और बैकहैंड विनर लगाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस पर जिस तरह का दबाव डालने में सफल रहा उससे मैंने उसे लगभग हरा ही दिया था।’’
शरत ने हार के बाद खेल गांव लौटने के लिए बस में चढ़ते हुए जब यह बात कही तो उनकी आवाज में हल्की निराशा झलक रही थी।
शरत ने कहा, ‘‘यह पूरा मुकाबला मा (जो टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेल रहे थे) पर दबाव डालने से जुड़ा था। मैं दुर्भाग्यशाली रहा कि तीसरा गेम नहीं जीत पाया, अन्यथा यह बिलकुल अलग तरह का मुकाबला होता।’’
दूसरे गेम में जीत दर्ज करने के बाद शरत ने तीसरा गेम 11-13 से गंवा दिया।
जयपुर में 2015 एशियाई खेलों के दौरान शीर्ष 20 में शामिल तीन खिलाड़ियों को हराने वाले शरत ने कहा कि तोक्यो में उनके प्रयास ने स्वदेश में किए प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया।
शरत ने कहा, ‘‘अब तक का सर्वश्रेष्ठ टूर्नामेंट। बेहद खुश हूं कि अधिक उम्र होने के बावजूद मैं इस तरह का खेल दिखा पाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा वट्सऐप संदेशों से भरा है जिसमें पेरिस खेलों तक खेलते रहने को कहा गया है। एकमात्र व्यक्ति जो ऐसा नहीं चाहता वह मेरी पत्नी (हंसते हुए कहते हैं) है। इस प्रदर्शन से निश्चित तौर पर मेरा पेरिस में खेलने के लिए आत्मविश्वास बढ़ा है।’’
शरत ने कहा, ‘‘मैं स्वदेश लौटूंगा और अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों को देखते हुए अपनी योजना का पुन: आकलन करूंगा। मुझे संक्षिप्त ब्रेक की जरूरत है और इसके बाद मैं अन्य चीजों के बारे में सोचूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हमने पदक नहीं जीता लेकिन भारत ने ठोस प्रदर्शन किया। मनिका बत्रा (तीसरे दौर में पहुंची) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।’’
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