देश की खबरें | उत्तराखंड सरकार 1600 वृक्षों के कटान पर कितना मुआवजा देगी : अदालत ने पूछा

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नैनीताल (उत्तराखंड), नौ सितंबर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि 19.5 किलोमीटर लंबे देहरादून—गणेशपुर (सहारनपुर) राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए शिवालिक रेंज के 1600 पेड़ काटने के एवज में वह मुआवजे के तौर पर कितना भुगतान करेगी।

अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि काटे जा रहे पेड़ों के एवज में प्रतिपूरक वृक्षारोपण कहां किया जाएगा?

सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई पर आपत्ति करते हुए दायर एक जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने संबंधित प्रभागीय वन अधिकारी से सुनवाई की अगली तारीख 24 सितंबर को अदालत के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और इस संबंध में पूरी सूचना देने को कहा है।

उच्च न्यायालय पहले ही राजमार्ग के निर्माण पर रोक लगा चुका है।

हल्द्वानी निवासी याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में कहा है कि सड़क परियोजना के लिए 100 से 150 साल उम्र के करीब 2700 वृक्षों को काटा जा रहा है जिसमें से 1600 शिवालिक वन रेंज में हैं। सड़क परियोजना का एक हिस्सा देहरादून और राजाजी राष्ट्रीय पार्क के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है।

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