देश की खबरें | उम्मीद है उच्चतम न्यायालय जीएनसीटीडी संशोधन अधिनियम को रद्द कर देगा : केजरीवाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को केंद्र द्वारा 2021 में लाए गए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) संशोधन अधिनियम की आलोचना की और उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय इसे असंवैधानिक घोषित करेगा।

नयी दिल्ली, दो फरवरी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को केंद्र द्वारा 2021 में लाए गए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) संशोधन अधिनियम की आलोचना की और उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय इसे असंवैधानिक घोषित करेगा।

केजरीवाल ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दोहराया कि उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना शिक्षकों को फिनलैंड भेजने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर अनुचित आपत्ति उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘संविधान और कानून कहता है कि उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह को लेकर बाध्य हैं। इसका मतलब है कि फाइल उपराज्यपाल के पास नहीं जानी चाहिए। यह गलत है कि उपराज्यपाल को फाइल भेजी जाती हैं और वह आपत्ति उठाते हैं।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘2021 में केंद्र द्वारा लाया गया जीएनसीटीडी संशोधन अधिनियम असंवैधानिक है। मुझे उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय इसे असंवैधानिक घोषित करेगा।’’

गौरतलब है कि जीएनसीटीडी संशोधन अधिनियम, 2021 क्रमशः 22 मार्च और 24 मार्च को लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किए जाने के बाद लागू हुआ था।

इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विभिन्न देशों में भेजने की दिल्ली सरकार की योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम अब तक 1,000 शिक्षकों को विभिन्न देशों में भेजने में सफल रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा, ‘‘इस साल भी, हमने शिक्षकों को विभिन्न देशों में भेजने के लिए राशि मंजूर की थी। हमने योजना बनाई थी कि 30 प्रधानाचार्य दिसंबर में जाएंगे और 30 मार्च में जाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से उपराज्यपाल की अनुचित आपत्तियों के कारण, ऐसा लगता है कि हम शिक्षकों को नहीं भेज पाएंगे।’’

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