धर्मशाला, 17 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया और चंबा में हुई हत्या के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को एक ज्ञापन भी सौंपा। विपक्षी दल ने मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने के साथ एनआईए से जांच कराने की अपील की।
सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह मारे गये व्यक्ति के परिवार से मिलने जा रहे नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत विपक्षी दलों के अन्य नेताओं को चंबा के सलूनी कस्बे में प्रवेश करने से रोक रहा है।
लापता होने के दो दिन बाद आठ जून को भंडाल गांव निवासी मनोहर का कटा हुआ शव सलूनी के बांदल पंचायत के एक नाले में मिला था। 28 वर्षीय युवक की प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में हुसैन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हुसैन की पत्नी फरीदा और शाबिर को भी गिरफ्तार किया गया है।
कांगड़ा के भाजपा अध्यक्ष चंद्रभूषण नाग का आरोप है कि राज्य में जब भी कांग्रेस सरकार सत्ता में आती है, तब अराजकता और गुंडागर्दी बढ़ जाती है।
नाग ने एनआईए जांच की जरूरत पर बल देते हुए चंबा मामले में मुख्य आरोपी की पृष्ठभूमि के संदिग्ध होने का हवाला दिया जिसके पास काफी संपत्ति है और वह सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों का भी सामना कर रहा है।
राज्य भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने इस बात पर चिंता जताई कि इस मामले के आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और उन्होंने सरकार और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू स्वयं भी पीड़ित के परिवार के घर नहीं गये। इस घटना से इलाके में सांप्रदायिक तनाव है। सलूनी में मुसाफिर हुसैन के घर को आग के हवाले करने के बाद बृहस्पतिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।
मुसाफिर हुसैन पर आरोप है कि उसने अपनी भतीजी के साथ कथित प्रेम प्रसंग को लेकर युवक की हत्या कर दी।
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