जरुरी जानकारी | हिंदुस्तान यूनिलीवर को सीसीआई से मिनिमालिस्ट के अधिग्रहण की मंजूरी मिली
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नयी दिल्ली, 17 मार्च भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सोमवार को रोजमर्रा के घरेलू सामान (एफएमसीजी) उत्पाद बनाने वाली प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल ब्रांड मिनिमालिस्ट की मूल कंपनी अपराइजिंग साइंस का अधिग्रहण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
जयपुर स्थित अपराइजिंग साइंस ‘मिनिमालिस्ट’ ब्रांड नाम के तहत सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, शिशु देखभाल और बाल देखभाल वस्तुओं के निर्माण और बिक्री में लगी हुई है।
सीसीआई ने बयान में कहा, “प्रस्तावित लेन-देन में हिंदुस्तान यूनिलीवर द्वारा अपराइजिंग साइंस प्राइवेट लिमिटेड (टारगेट) की 90.5 प्रतिशत शेयरधारिता का अधिग्रहण शामिल है। ...तथा एचयूएल और लक्षित कंपनी के बीच निष्पादित शेयर खरीद और सदस्यता समझौते में निर्धारित शर्तों के अनुसार, लक्ष्य की शेष 9.5 प्रतिशत शेयरधारिता का अधिग्रहण समापन तिथि से लगभग दो वर्षों में किया जाएगा।”
अग्रणी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के पास 50 से अधिक ब्रांड हैं, जिनमें लैक्मे, लक्स, नॉर, क्वालिटी वॉल्स और सर्फ एक्सेल शामिल हैं।
सीसीआई ने कहा, “आयोग ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड द्वारा अपराइजिंग साइंस प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण को मंजूरी दी।”
हिंदुस्तान यूनिलीवर में जनवरी में कहा था कि उसने अपराइजिंग साइंट की 90.5 प्रतिशत शेयरधारिता के अधिग्रहण के लिए शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 2,955 करोड़ रुपये के उपक्रम मूल्य पर यह सौदा 2,670 करोड़ रुपये का बैठता है।
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