नयी दिल्ली, 23 अप्रैल दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत आने वाले हिंदू कॉलेज के पूर्व छात्रों के संगठन (ओएसए) ने वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं इस कॉलेज के छात्र रह चुके अर्णब गोस्वामी पर हुए कथित हमले की निंदा की है और इसे ‘प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधे किया गया हमला’ बताया है।
मुंबई में बृहस्पतिवार तड़के मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने गोस्वामी की कार पर कथित तौर पर हमला किया और उनकी कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की, जब वह अपनी पत्नी के साथ अपने घर जा रहे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने गोस्वामी पर हुए कथित हमले की निंदा की है।
ओएसए ने कहा कि स्वतंत्र प्रेस के जरिये सूचना मांगना और उसे प्रसारित करने के मूल अधिकार पर हमला हुआ है।
संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘संपादकों पर हमला प्रेस, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया को भयभीत करना है। एक जीवंत लोकतंत्र को अवश्य ही प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए, ना कि इसका गला घोंटना चाहिए।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘आलोचना एवं असहमति सार्वजनिक जीवन का हिस्सा है और उसका हमेशा ही स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन किसी को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना पूरी तरह से कायराना हरकत है। यदि असहमति है तो उसे दूर करने के लिये पर्याप्त कानूनी मंच हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘हिंसा और भयादोहन का लोकतांत्रिक राजनीति में
कोई स्थान नहीं है।’’
संगठन ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के हमलों को रोक कर लोगों का भरोसा बहाल करने के लिये आवश्यक कदम नहीं उठाये गये तो विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत और नीचे खिसक जाएगा।
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