देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश : आप नेताओं के टेलीफोन टैप किए जा रहे हैं, पार्टी का आरोप

शिमला, 12 अप्रैल हिमाचल प्रदेश आम आदमी पार्टी (आप) के एक नेता ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा राज्य में उनकी पार्टी के सहयोगियों के फोन टैप कर रही है।

आप के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मंडी में उनकी पार्टी के रोड शो के कुछ दिनों बाद भाजपा निराश है।

उन्होंने हालांकि अपने आरोपों का कोई प्रमाण नहीं दिया।

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के बीच चल रही खींचतान में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए नई दिल्ली में प्रदेश के कुछ आप नेताओं को भाजपा में शामिल किया।

राज्य में अपनी पार्टी की कार्यसमिति को भंग करने के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आप के पांच लाख सदस्य हैं और इसका हर सदस्य इसके पदाधिकारी की तरह है।

शर्मा ने दावा किया कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में सरकार बनाएगी क्योंकि मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और आप के बीच होगा।

इसबीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अविनाश राय खन्ना ने मंगलवार को दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) भाजपा से डरती है और इसी वजह से उसने हिमाचल प्रदेश में अपनी कार्य समिति भंग कर दी।

खन्ना ने यहां जारी एक बयान में कहा कि पहाड़ी राज्य में आप की छवि पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है क्योंकि उसके नेता खुलेआम भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आप को भाजपा से डर के चलते अपनी कार्यसमिति भंग करनी पड़ी।

उन्होंने दावा किया कि पहाड़ी राज्य में आप के लिये कोई संभावना नहीं है।

भाजपा नेता ने कहा कि आप लोगों से अतार्किक वादे करके पंजाब में सत्ता में आई और अब उनके विधायकों को लोगों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

खन्ना ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वादों को पूरा करने के लिए लोगों से समय मांगा है, जो दर्शाता है कि उन्होंने लोगों को 'मूर्ख' बनाया है।

आप ने राज्य इकाई में कुछ नेताओं के दलबदल के बाद सोमवार को अपनी कार्यसमिति को भंग कर दिया था। आप के प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी, महासचिव (संगठन) सतीश ठाकुर और कुछ अन्य वरिष्ठ नेता पिछले हफ्ते पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

आप इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पैर जमाने की कोशिश कर रही है। पार्टी हाल ही में पड़ोसी राज्य पंजाब में सत्ता में आई थी।

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