जरुरी जानकारी | उच्च न्यायालय ने स्वप्ना राय की एलओसी के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, नौ सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सहारा के प्रमुख सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। 72 वर्षीय स्वप्ना रॉय ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा उनके खिलाफ जारी ‘लुक-आउट-सर्कुलर’ (एलओसी) को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने नोटिस जारी करते हुए एसएफआईओ से अपना रुख बताने को कहा है। इस याचिका पर अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी।

रॉय की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ किरपाल ने कहा कि रॉय के खिलाफ एलओसी जारी करने को लेकर कोई न्यायोचित वजह नहीं है। उनके खिलाफ कोई शिकायत लंबित नहीं है। जनवरी, 2020 से उन्हें किसी जांच के लिए भी बुलाया नहीं गया है।

केंद्र की ओर से अधिवक्ता अनुराग अहलूवालिया उपस्थित हुए।

याचिका में कहा गया है कि रिपब्लिक ऑफ मेसेडोनिया की नागरिक स्वप्ना रॉय कानून का पालन करने वाली महिला हैं। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर सिर्फ सहारा इंडिया परिवार के चेयरमैन की पत्नी होने की वजह से जारी किया गया है।

याचिका में आगे कहा गया है कि सहारा समूह की समूची संपत्तियां भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कुर्क कर ली है और संबंधित कंपनियों के निदेशक भारत में रह रहे हैं और नियमित आधार पर एसएफआईओ तथा अन्य सांविधिक निकायों के समक्ष जांच के उद्देश्य से पेश हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 और 14 के तहत प्राप्त यात्रा करने के उनके मूलभूत अधिकार में बाधा खड़ी की गई है। यह सब बिना किसी कानूनी आधार के अथवा कानूनी प्रक्रिया का अनुपालन किये बिना यह सब किया जा रहा है।

अजय

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