गुरुग्राम (हरियाणा), 31 मई गुरुग्राम की अदालत ने करोड़ों रुपये की कथित लूट के मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के निलंबित अधिकारी धीरज सेतिया की लाई डिटेक्टर जांच कराने की अनुमति दे दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल चाल अगस्त को करोड़ों रुपये की लूट तब हुई जब विकास लागरपुरिया गिरोह के सदस्य उस फ्लैट में दाखिल हुए जहां से एक निजी कंपनी का कार्यालय चलता था। आरोप है कि उन्होंने वहां रखी करोड़ों रुपये की नकदी लूट ली।
सेतिया पर लूटकांड को दबाने का आरोप है।
अदालत के आदेश के अनुसार सेतिया की जांच गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रयोगशाला में होगी। इससे पहले मामले की जांच कर रहे विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने आशंका जताई थी कि अगर जांच यहां (दिल्ली-एनसीआर में) की गई तो आरोपी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
लोक अभियोजक जगबीर सहरावत ने बताया कि धीरज सेतिया अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए और उनके वकील ने अपने मुवक्किल की ओर से पॉलीग्राफ जांच की सहमति दी।
सहरावत ने कहा, ‘‘सेतिया ने हैदराबाद और अहमदाबाद जैसी किसी जगह के बजाय दिल्ली-एनसीआर में ही पॉलीग्राफ जांच कराने का अनुरोध किया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रयोगशाला में जांच कराने का आदेश दिया।’’
अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 13 जून की अगली तारीख तय की है और एसटीएफ को इससे पहले जांच कराने को कहा है।
एसटीएफ ने अदालत के समक्ष अन्य आरोपी चेतन मान उर्फ बॉक्सर को पेश किया जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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