देश की खबरें | गुजरात उच्च न्यायालय ने पत्रकार के खिलाफ राजद्रोह के मामले को रद्द किया
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अहमदाबाद, नौ नवंबर गुजरात उच्च न्यायालय ने एक आलेख के लिए बिना शर्त माफी मांगने पर एक पत्रकार के खिलाफ राजद्रोह के मामले को रद्द कर दिया। पत्रकार ने एक आलेख लिखा था जिसमें कयास लगाए गए थे कि गुजरात में कोरोना वायरस महामारी से निपटने में नाकामी के कारण मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को हटाया जा सकता है ।
न्यायमूर्ति आर पी ढोलारिया ने छह नवंबर को अपने आदेश में वेब पोर्टल ‘फेस ऑफ द नेशन’ के लिए लिखने वाले पत्रकार धवल पटेल (30) के खिलाफ प्राथमिकी को खारिज कर दिया । पत्रकार ने वेब बोर्टल पर प्रकाशित इस आलेख के खिलाफ बिना शर्त माफी मांग ली जिसके बाद अदालत ने मामले को रद्द करने का आदेश दिया।
पटेल ने कहा कि उन्होंने ‘‘बिना किसी पूर्वाग्रह के और बिना किसी अपराधबोध’’ के माफी मांग ली ।
सीआईडी (अपराध) ने इस आलेख के लिए पटेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आलेख में अटकलें लगायी गयी थी कि रूपाणी के स्थान पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है ।
अदालत ने कहा कि वह युवा पत्रकार द्वारा खेद प्रकट किए जाने से संतुष्ट है, जिसने अभी अपना करियर शुरू ही किया है और प्राथमिकी को खारिज करने का आदेश दिया।
उच्च न्यायालय ने आगे कहा कि आगे भविष्य में जब भी वह कोई आलेख प्रकाशित करेंगे किसी भी संवैधानिक पद पर तैनात लोगों के खिलाफ बिना सत्यापन के इस तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे और वह फिर से ऐसी गलती नहीं करेंगे।
पटेल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह) और आपदा प्रबंधन कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था और इस साल मई में गिरफ्तार किया गया। एक स्थानीय अदालत ने उन्हें बाद में जमानत दे दी थी।
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