काठमांडू, नौ मार्च जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय में बर्फ पिघलने के खतरनाक प्रभावों पर विश्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 26 नेपाली महिला कार्यकर्ताओं का एक समूह माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर पहुंचा।
यह समूह शुक्रवार को 114वें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने और जलवायु परिवर्तन के खतरनाक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 5,364 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आधार शिविर पहुंचा।
इस कार्यक्रम का आयोजन जलवायु परिवर्तन और महिला सशक्तीकरण के एजेंडे के लिए अभियान चलाने वाली ‘साथ सथाई फाउंडेशन’ द्वारा किया गया था।
विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने आधार शिविर पर एक सम्मेलन आयोजित किया और सात सूत्री घोषणा पत्र भी जारी किया।
आयोजकों के अनुसार इसने केंद्र और स्थानीय सरकारों से माउंट एवरेस्ट, खुंबू पर्वत क्षेत्र और अन्य हिमालय श्रृंखलाओं के संरक्षण पर ध्यान देने का आग्रह किया।
फाउंडेशन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘घोषणापत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ-साथ जलवायु न्याय, अनुकूलन और जलवायु खतरे में कमी के लिए स्थानीय पहल और सहयोग से संबंधित मुद्दे शामिल थे।’’
बयान के अनुसार इसमें महिलाओं की भागीदारी, हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य संबंधित समस्याओं से संबंधित बिंदुओं को भी शामिल किया गया।
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