देश की खबरें | बचाव कार्य के लिए जीपीएस निर्देशांक, मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन का उपयोग किया जा रहा : जिलाधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन से प्राप्त अंतिम लोकेशन समेत जीपीएस निर्देशांकों और ड्रोन चित्रों की मदद से उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां बचाव एवं खोज अभियान चलाए जा सकें। वायनाड की जिलाधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वायनाड (केरल), दो अगस्त वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन से प्राप्त अंतिम लोकेशन समेत जीपीएस निर्देशांकों और ड्रोन चित्रों की मदद से उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां बचाव एवं खोज अभियान चलाए जा सकें। वायनाड की जिलाधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वायनाड की जिलाधिकारी मेघाश्री डी. आर. ने पत्रकारों को बताया कि सबसे अधिक प्रभावित मुंदक्कई और चूरलमाला कस्बों को छह जोन में बांटा गया है। इन क्षेत्रों में भारी मशीनरी और स्वान दस्ता के साथ बचाव कर्मियों की 40 टीम तैनात की गई हैं।
उन्होंने कहा कि ड्रोन से ली गई तस्वीरों और जीपीएस निर्देशांकों की मदद से ऐसे कई स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘हमने प्राप्त डेटा सभी टीम को दे दिया है, ताकि खोज एवं बचाव अभियान अच्छी तरह और तेजी से आगे बढ़ सके।’’
उन्होंने कहा कि 40 टीम भूस्खलन प्रभावित छह जोन - अट्टामाला और आरणमाला, मुंदक्कई, पुंचिरिमट्टम, वेल्लारीमाला गांव, जीवीएचएसएस वेल्लारीमाला और नदी किनारे - में अभियान चलाएंगी।
शुक्रवार सुबह केरल के एडीजीपी एम. आर. अजित कुमार ने कहा कि लगभग 300 लोग अभी भी लापता हैं।
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