देश की खबरें | राज्यपाल कैबिनेट की सलाह मानने के लिए बाध्य : कानून विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र के पास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कैबिनेट की विधानसभा सत्र आयोजित करने की अनुशंसा स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह बात शुक्रवार को कानून विशेषज्ञों ने कही।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 जुलाई राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र के पास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कैबिनेट की विधानसभा सत्र आयोजित करने की अनुशंसा स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह बात शुक्रवार को कानून विशेषज्ञों ने कही।

राज्यपाल की शक्तियां और कर्तव्य पर संविधान में वर्णित तथ्यों का हवाला देते हुए उनका विचार था कि राज्यपाल कैबिनेट की सलाह मानने के लिए बाध्य है।

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राज्य में जारी राजनीतिक नौटंकी के बीच गहलोत ने मिश्रा पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर वह दबाव में हैं।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्यपाल से सत्र बुलाने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने अभी तक आदेश जारी नहीं किया है। गहलोत कांग्रेस के 19 बागी विधायकों की चुनौती का सामना कर रहे हैं जिसमें बर्खास्त उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी शामिल हैं।

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नबर रेबिया (अरूणाचल प्रदेश) मामले में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के फैसले का जिक्र करते हुए वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और विकास सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्यपाल कैबिनेट की सलाह मानने के लिए बाध्य है और उन्हें विधानसभा सत्र बुलाना पड़ेगा।

द्विवेदी ने कहा कि राज्यपाल के पास कोई अधिकार नहीं होता और वह सत्र आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बताई गई तारीख को केवल टालने का आग्रह कर सकते हैं।

एक अन्य वरिष्ठ वकील ने कहा कि कैबिनेट अनुशंसा भेजती है तो राज्यपाल शक्ति परीक्षण के लिए विधानसभा की बैठक बुलाने को बाध्य है।

सिंह ने ‘पीटीआई-’ से बात करते हुए कहा, ‘‘नबम रेबिया मामले में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्यपाल कैबिनेट की सलाह मानने के लिए बाध्य है। वह मना नहीं कर सकता है और मुख्यमंत्री जब भी कहें उन्हें विधानसभा की बैठक आयोजित करनी होगी।’’

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