नयी दिल्ली, सात जुलाई पोत परिवहन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने करीब 194 मौजूदा प्रकाश स्तंभों (लाइटहाउस) को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनायी है।
मंत्रालय के अनुसार साथ ही उन प्रकाश स्तंभों को चिन्हित किया जाएगा जो 100 साल से अधिक पुराने हैं।
पोत परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री मनसुख मांडविया ने मौजूदा करीब 194 प्रकाश स्तंभों के विकास और उसे प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिये उच्च स्तरीय बैठक की है।
मांडविया ने कहा कि इस कदम का मकसद प्रकाश स्तंभ और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा लोगों को इनसे जुड़े समृद्ध इतिहास के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।
मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रकाश स्तंभ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिये विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। उनसे उन प्रकाश स्तंभों को चिन्हित करने को कहा गया है, जो 100 साल से अधिक पुराने हैं।
बयान के अनुसार मंत्री ने प्रकाश स्तंभ के इतिहास और उसके काम करने के तरीकों के बारे में जानकारी देने के लिये संग्रहालय बनाने पर भी जोर दिया।
बयान के अनुसार मंत्री ने गुजरात के गोपनाथ, द्वारका और वेरावल प्रकाश स्तंभों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने के कार्यों में प्रगति का जायजा भी लिया।
उन्होंने अधिकारियों को परियोजना पर यथाशीघ्र विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
बैठक में पोत परिवहन सचिव, लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशक एवं अन्य संबद्ध पक्ष शामिल हुए।
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