नयी दिल्ली, चार मई गूगल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के कानूनों का पालन किया जाना चाहिए और फर्जी सूचना को लेकर गूगल के दृष्टिकोण तथा सरकार की मंशा में काफी समानता है।
गूगल इंडिया के कंट्री मैनेजर और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि कंपनी ‘‘फैक्ट-चेकिंग’’ से जुड़ी सरकारी जरूरतों को पूरा करेगी। गुप्ता ने कहा, ‘‘कानून का पालन करने और उपभोक्ताओं के लिए समाधान करने से ज्यादा कोई दार्शनिक दृष्टिकोण नहीं है। हमारा नजरिया सरल है, सूचना व्यवस्थित करें और इसे उपभोक्ताओं के लिए मददगार तथा सुरक्षित बनाएं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार भी जब कानून लाती है उसकी मंशा यह सुनिश्चित करना होता है कि इसे सुरक्षित और मददगार बनाएं। जो नियम बनाए जा रहे हैं और जो हमारी मान्यता तथा नजरिया है, मुझे लगता है कि इसमें काफी समानता है।’’
वह भारत में समाचार खपत के रुझानों पर एक रिपोर्ट जारी करने के बाद तथ्य जांच पर सरकार के प्रस्तावित मानदंड को लेकर दृष्टिकोण के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
फर्जी सूचना से संबंधित नियमों के तहत गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी इंटरनेट कंपनियां को सरकार द्वारा अधिसूचित तथ्य-जांचकर्ता द्वारा गलत या भ्रामक जानकारी के रूप में चिह्नित की गई सामग्री को हटाना होगा।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय उस इकाई को अधिसूचित करेगा जो सरकार से संबंधित ऑनलाइन पोस्ट की गई गलत सूचनाओं को चिह्नित करेगी। सरकार ने संशोधित आईटी नियमों के तहत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) को तथ्य जांच करने वाली इकाई के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव दिया है।
‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने मसौदा नियमों पर निराशा व्यक्त की है और उन्हें ‘‘कठोर’’ संशोधन कहा है जो सरकार को फर्जी समाचार चिह्नित करने के लिए ‘‘बेशुमार शक्ति’’ देता है।
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