जरुरी जानकारी | सरकार मुद्रा योजना के तहत छोटे कर्जदाताओं को 2 प्रतिशत ब्याज सहायता देगी
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नयी दिल्ली, 24 जून सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत शिशु कर्ज श्रेणी के अंतर्गत आने वाले छोटी राशि का कर्ज ले रखे कर्जदाताओं को 2 प्रतिशत ब्याज सहायता देने को मंजूरी दी। छोटे कारोबारियों को कोरोना वायरस महामारी और उसके बाद उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ से हुई समस्या से पार पाने में मदद के लिये यह कदम उठाया गया है।
शिशु श्रेणी के अंतर्गत लाभार्थियों को 50,000 रुपये तक कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जाता है।
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मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 2 प्रतिशत ब्याज सहायता से सरकारी खजाने पर करीब 1,542 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत सभी शिशु कर्ज खातों पर 12 महीने के लिये 2 प्रतिशत ब्याज सहायता देने को मंजूरी दी गयी।’’
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पीएमएमवाई के अंतर्गत शिशु श्रेणी के तहत मार्च 2020 के अंत तक करीब 9.37 करोड़ कर्ज खाते थे। इन खातों पर कर्ज के रूप में करीब 1.62 लाख करोड़ रुपये बकाये थे।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार योजना का लाभ 31 मार्च 2020 तक बकाये कर्ज पर मिलेगा। यह लाभ गैर-निष्पादित परंसपत्ति (एनपीए) के मामले में नहीं मिलेगा।
इसमें कहा गया है, ‘‘ब्याज सहायता उन महीनों के लिये मिलेगी जब खाता एनपीए नहीं बना। एनपीए बनने के बाद अगर खाता फिर से निष्पादित परंसिपत्ति बनी है तो उसे संबंधित महीने का लाभ मिलेगा।’’
बयान के अनुसार इस कदम से उन लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा जो नियमित तौर पर कर्ज लौटाते हैं।
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) से संबंधित इस योजना की घोषणा आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत की गयी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को पीएमएमवाई की शुरूआत की थी। इसके तहत 10 लाख रुपये तक का कर्ज लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों को दिया जाता है।
मुद्रा कर्ज के नाम से चर्चित यह ऋण वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटी राशि के कर्ज कर्ज देने वाले संस्थान (एमएफआई) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां देती हैं।
योजना का क्रियान्वयन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) करेगा और यह 12 महीने के लिये लागू होगा।
जिन कर्जदाताओं ने कोविड-19 नियामकीय पैकेज के तहत आरबीआई द्वारा कर्ज लौटाने को लेकर दी गयी मोहलत का लाभ लिया है, उनके लिये योजना उस अवधि के समाप्त होने के बाद लागू होगी। यानी वैसे कर्जदाताओं के लिये यह योजना एक सितंबर 2020 से 31 अगस्त 2021 तक के लिये होगी।
अन्य कर्जदाताओं के लिये योजना एक जून 2020 से 31 मई 2021 तक के लिये होगी।
सरकार ने बयान में कहा कि अप्रत्याशित संकट को देखते हुए यह योजना तैयार की गयी है। इसका मकसद कर्ज की लागत कम कर उन छोटे कर्जदाताओं के वित्तीय दबाव को दूर करना है जो निचले तबके से आते हैं।
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