जरुरी जानकारी | सरकार बढ़ा सकती है निवेश संवर्धन योजना की अवधि
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार निवेश आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से निवेश संवर्धन की योजना 2017-20 को आगे बढ़ा सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 13 जुलाई सरकार निवेश आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से निवेश संवर्धन की योजना 2017-20 को आगे बढ़ा सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उसने कहा कि वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली व्यय वित्त समिति ने योजना की अवधि आगे बढ़ाये जाने को मंजूरी दे दी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय इसके लिये जल्दी ही मंत्रिमंडल से मंजूरी मांगेगा।
निवेश प्रोत्साहन एक बहुआयामी और जटिल प्रक्रिया। इसके लिए एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) से संबंधित सुधार, व्यापार सुगमता, निवेश की सुविधाजनक बनाने जैसी गतिविधियों के लिये निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है।
निवेश संवर्धन योजना 2017-20 के मुख्य तत्वों में निवेशक सुविधा, सीईओ मंच और संयुक्त आयोग की बैठकें, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू निवेश के लिये प्रयास, परियोजना प्रबंधन, क्षमता निर्माण, निगरानी तथा मूल्यांकन शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि यह योजना सरकार से सरकार के स्तर पर केंद्रित संयुक्त आयोग की बैठकों और कंपनियों के स्तर पर सीईओ मंच की बैठकों के लिये सहायता प्रदान करती है।
इसके तहत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न बैठकों और प्रदर्शनी जैसे प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यक्रमों पर होने वाले व्यय की भी व्यवस्था की जाती है।
देश में एफडीआई 2020-21 में 19 प्रतिशत बढ़कर 59.64 अरब डॉलर रहा। इक्विटी, कमाई का दोबारा से निवेश और पूंजी समेत कुल एफडीआई पिछले वित्त वर्ष में 81.72 अरब डॉलर रहा जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 में 74.39 अरब डॉलर था।
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