देश की खबरें | जबावदेह सुशासन के लिए सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर रही है सरकार : गहलोत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार जबावदेह सुशासन के लिए सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर रही है।
जयपुर, 20 अगस्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार जबावदेह सुशासन के लिए सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर रही है।
गहलोत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 77वीं जयंती पर आयोजित वर्चुअल राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव-2021) कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘शासन, प्रशासन और जीवन के हर क्षेत्र में सूचना तकनीक का अपना स्थान है। ई-गवर्नेन्स के माध्यम से लोगों का जीवन आसान हुआ है। राज्य सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जबावदेह सुशासन के लिए प्रदेश में सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ सुनिश्चित कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि भारत में सूचना क्रांति की शुरूआत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ने बेहद विकट परिस्थितियों के बावजूद देश को तकनीकी क्षेत्र में नई दिशा दी। उन्होंने इनोवेशन को प्राथमिकता देकर संचार क्रांति का आगाज किया। उनकी दूरदर्शी सोच और मंशा को अंगीकार करते हुए राजस्थान ने भी आईटी के क्षेत्र में तेजी से कदम आगे बढ़ाए हैं।
‘सूचना तकनीक से सुशासन’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने राज किसान साथी पोर्टल, आई-स्टार्ट वर्चुअल इन्क्यूबेशन प्रोग्राम और राजीव गांधी आईटी क्विजथॉन की शुरुआत की। साथ ही, राजीव/75 फंड के तहत 21 चयनित स्टार्ट-अप को 2 करोड़ रुपए के फंड का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्टार्ट-अप क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को ‘राजीव गांधी इनोवेशन अवार्ड’ देने की घोषणा की। इसके तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में दो करोड़ रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में एक करोड़ रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में पचास लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 14 नवंबर से ‘राजीव गांधी युवा कोर’ की शुरुआत की जाएगी। साथ ही, प्रदेश के दौ सौ मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन के लिए उन्होंने ‘राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस’ की घोषणा की। इस योजना पर प्रतिवर्ष करीब सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें विद्यार्थी के अध्ययन का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
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