जरुरी जानकारी | उन्नत सेल भंडारण इकाई के लिए रिलायंस को सरकार ने मंजूरी दी

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नयी दिल्ली, चार सितंबर सरकार ने बुधवार को कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को एसीसी बैटरी भंडारण के लिए 3,620 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 10 गीगावाट घंटा की बैटरी विनिर्माण इकाई लगाने की मंजूरी दी गई है।

भारी उद्योग मंत्रालय को उन्नत रसायन सेल (एसीसी) विनिर्माण की पीएलआई योजना के लिए जारी वैश्विक निविदा के तहत सात बोलियां मिली थीं। इसमें 10 गीगावाट घंटे की एसीसी बैटरी भंडारण इकाई के लिए 3,620 करोड़ रुपये का अधिकतम बजट रखा गया था।

इस निविदा में बोलियां लगाने वाली कंपनियों की सूची में एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, अमारा राजा एडवांस्ड सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, अन्वी पावर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड, लुकास टीवीएस लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और वारी एनर्जीज लिमिटेड शामिल थीं।

मंत्रालय ने सभी सात बोलियों का मूल्यांकन करने के बाद वित्तीय आकलन के लिए छह कंपनियों को चुना था।

मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को गुणवत्ता एवं लागत आधारित चयन प्रणाली (क्यूसीबीएस) के आधार पर पीएलआई योजना के तहत 10 गीगावाट घंटे एसीसी क्षमता के लिए चुना गया है।’’

मंत्रालय ने कहा कि इस इकाई की स्थापना के लिए बोलीदाता यानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का चयन अधिकतम कुल स्कोर के आधार पर किया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई, 2021 में पीएलआई योजना के तहत ‘उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी भंडारण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम’ पर 18,100 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 50 गीगावाट घंटा की विनिर्माण क्षमता हासिल करने का लक्ष्य घोषित किया था।

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