विदेश की खबरें | जर्मनी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चार रूसी वाणिज्य दूतावासों को बंद करने का आदेश दिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिस्टोफर बर्जर ने बुधवार को यहां संवाददातओं से कहा कि इस कदम का मकसद दोनों देशों के बीच कर्मचारियों और संस्थानों की संख्या को बराबर रखना है।

रूसी सरकार ने हाल में कहा था कि अधिकतम 350 जर्मन सरकारी अधिकारी रूस में मौजूद रह सकते हैं। इनमें सांस्कृतिक संगठनों और विद्यालयों में सेवा देने वाले अधिकारी भी शामिल हैं।

बर्जर ने कहा कि इसका यह मतलब है कि जर्मनी को नवंबर तक रूस में येकातेरिनबर्ग, नोवोसिबिर्स्क और कालिनग्राद स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों को बंद करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सिर्फ मास्को में जर्मन दूतावास और सेंट पीटर्सबर्ग में वाणिज्य दूतावास खुला रहेगा।

उन्होंने कहा कि रूस को इस साल की समाप्ति के बाद बर्लिन में दूतावास तथा एक वाणिज्य दूतावास का संचालन जारी रखने की अनुमति होगी।

यह कदम, फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मास्को और बर्लिन के बीच संबंधों के बिगड़ने को प्रदर्शित करता है।

बर्जर ने कहा कि यह कदम खेदजनक है लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध का मलतब यह है कि दोनों देशों (रूस और जर्मनी) के बीच अब कई द्विपक्षीय गतिविधियों की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह रूस का व्यवहार है जिसने हमें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)