जरुरी जानकारी | गडकरी ने की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा, राजमार्गों किनारे वृक्षारोपण निगरानी को पेश की ‘हरित पथ’ ऐप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण की लागत को कम से कम 25 प्रतिशत कम करने तथा राजमार्ग निर्माण में आधुनिक और हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर शुक्रवार को जोर दिया।
नयी दिल्ली, 21 अगस्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण की लागत को कम से कम 25 प्रतिशत कम करने तथा राजमार्ग निर्माण में आधुनिक और हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर शुक्रवार को जोर दिया।
सड़क परिवहन मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वृक्षारोपण की निगरानी के लिये एक मोबाइल ऐप 'हरित पथ' भी पेश की।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ‘नयी हरित राजमार्ग नीति (पौधारोपण)’ की समीक्षा की। उन्होंने सड़क निर्माण में नयी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की लागत में 25 प्रतिशत की कमी लाना मंत्रालय का लक्ष्य होना चाहिये।
गडकरी के पास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है। बयान में कहा गया, ‘‘मंत्री ने जिओ-टैगिंग और वेब आधारित जीआईएस सक्षम निगरानी उपकरणों के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी के लिये एक मोबाइल ऐप 'हरित पथ' पेश किया। इस ऐप को एनएचएआई ने सभी वृक्षारोपण योजनाओं के तहत रोपे गये प्रत्येक पेड़ के स्थान, वृद्धि, प्रजातियों के विवरण, रखरखाव गतिविधियों, लक्ष्यों और उपलब्धियों की निगरानी के लिये विकसित किया है।’’
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मोबाइल ऐप पेश करते समय मंत्री ने वृक्षारोपण और पेड़ों के प्रत्यारोपण की सख्त निगरानी पर जोर दिया। मंत्री ने सुझाव दिया कि राजमार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिये विशेष व्यक्तियों / एजेंसियों को काम पर रखा जाना चाहिये। उन्होंने इसमें गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और बागवानी व वन विभाग को शामिल करने का सुझाव दिया।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे मार्च 2022 तक राजमार्गों के किनारे 100 प्रतिशत वृक्षारोपण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।
बयान में कहा गया, ‘‘पेड़ों के प्रत्यारोपण के मुद्दे पर चर्चा करते हुए गडकरी ने कहा कि सभी पेड़ों को कटने से बचाने के लिये यह हमारा मिशन होना चाहिये और नयी प्रौद्योगिकियों से लैस विशेष एजेंसियों को इस उद्देश्य के लिये काम पर रखा जाना चाहिये। मंत्री ने मजबूती के प्रायोजन में स्थानीय स्वदेशी सामग्री जैसे जूट, कॉयर आदि का उपयोग करने पर जोर दिया।’’
गडकरी ने यह भी कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियों का सही चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों, सीमावर्ती क्षेत्रों और तटीय क्षेत्रों जैसे विशिष्ट क्षेत्रों को अलग दृष्टिकोण व प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता है।
मंत्री ने अंडमान निकोबार में सड़क निर्माण में इस तरह की तकनीक के इस्तेमाल की सराहना की और बाकी परियोजनाओं में इस उदाहरण का अनुसरण करने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड को प्रेरित किया।
इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक बयान में कहा कि मंत्री द्वारा पेश किया गया मोबाइल ऐप 'हरित पथ' राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगाये गये हर पेड़ को डिजिटल पता प्रदान करेगा।
उसने कहा, ‘‘राष्ट्र के लिये अपनी सेवा के 25 साल पूरे करने के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल ही में 'हरित भारत संकल्प' शुरू किया है, जो देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान है। यह पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ावा देने की एनएचएआई की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।’’
इस पहल के तहत, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 21 जुलाई से 15 अगस्त, 2020 के बीच 25 दिनों में 25 लाख पौधे लगाय हैं। इस अभियान से चालू वर्ष के दौरान रोपे गये पेड़ों की कुल संख्या 35.22 लाख हो गयी है।
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