ताजा खबरें | देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सुव्यवस्थित तरीके से हमले हो रहे हैं : कांग्रेस सांसद
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. लोकसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के एक सांसद ने आरोप लगाया कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सुव्यवस्थित तरीके से हमले हो रहे हैं और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के ऊपर खतरा मंडरा रहा है।
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल लोकसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के एक सांसद ने आरोप लगाया कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सुव्यवस्थित तरीके से हमले हो रहे हैं और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के ऊपर खतरा मंडरा रहा है।
सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जहां कहीं भी कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ, या भाजपा के खिलाफ बोलता है वह खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘संघ परिवार और भाजपा से जुड़ी संस्थाएं उसके पीछे पड़ जाती हैं। इस तरह से हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला जा रहा है।’’
उन्होंने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुव्यस्थित तरीके से कम किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘चाहे यह मीडिया, सोशल मीडिया या फिल्म हो, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सुव्यवस्थित तरीके से हमले हो रहे हैं।’’
उन्होंने हाल में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘एल2: एम्पुरान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि केरल में, पिछले कुछ दिन से फिल्मों को निशाना बनाये जाने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘इस फिल्म को निशाना बनाया जा रहा है। यह क्यों हो रहा है, जबकि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड का प्रमाणन मिला है। सेंसर बोर्ड में भाजपा के लोग बैठे हुए हैं, जिन्होंने फिल्म को मंजूरी दी। इसके बाद, फिल्म का प्रदर्शन शुरू हुआ लेकिन फिल्म के कलाकारों, निर्माताओं, निर्देशकों पर सुव्यवस्थित तरीके से हमला किया गया। अब, वे फिल्म के 24 हिस्से को काटने के लिए मजबूर हो गए...।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाणपत्र दिये जाने के बाद भी कुछ लोगों को लगता है कि यह सही चित्रण नहीं है...क्योंकि उन्हें लगता है कि यह फिल्म गुजरात दंगों की कहानी बयां करती है। यह स्पष्ट रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी हम यह चीज देख सकते हैं। यूट्यूबर को निशाना बनाया जा रहा है, पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं।’’
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया, ‘‘वे सुव्यवस्थित तरीके से सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं...भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में ऐसा कैसे चल सकता है।’’
केरल के वडकरा से कांग्रेस के सदस्य शफी परम्बिल ने भी शून्यकाल में इस फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार, भाजपा के लोग और एक केंद्रीय मंत्री भी इस फिल्म के प्रति असहिष्णुता प्रदर्शित कर रहे हैं।
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