विदेश की खबरें | कांगो में संरा विरोधी प्रदर्शन में बिजली की तार की चपेट में आने से चार लोगों की मौत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कांगो सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने बताया कि देश में संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ तीन दिन से प्रदर्शन चल रहा है। शुरुआती प्रदर्शनों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के तीन कर्मियों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कांगो सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने बताया कि देश में संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ तीन दिन से प्रदर्शन चल रहा है। शुरुआती प्रदर्शनों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के तीन कर्मियों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए।

दक्षिण कीवु प्रांत में उविरा शहर के नागरिक संगठन के समन्वयक आंद्रे बयादुनिया ने बताया कि किलोमोनी जिले में बिजली की तार गिरने से चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी।

उविरा के डिप्टी मेयर किकी किफारा ने घटना की पुष्टि की और कहा कि जब बिजली की तार गिरी तो उस समय वह प्रदर्शन स्थल पर थे। उन्होंने बताया कि उन्हें लगता है कि अगर पुलिस और सुरक्षाबलों ने पहले ही भीड़ को तितर-बितर न किया होता तो मृतकों की संख्या अधिक हो सकती थी।

संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा मिशन के कार्यवाहक प्रमुख खासिम दियाग्ने ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को प्रदर्शनों में नॉर्थ कीवु प्रांत के बुटेम्बो में कांगो के सात नागरिकों की मौत हो गयी। इसके अलावा मोरक्को के एक संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक और भारत से संयुक्त राष्ट्र के दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी। पूर्वी कांगो के गोमा शहर में सेना के एक अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गयी है।

किन्शासा से एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में दियाग्ने ने स्थिति को ‘‘नाजुक’’ बताया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र तथा कांगो बलों की टुकडियां संयुक्त राष्ट्र अड्डे और प्रतिष्ठान की रक्षा कर रही हैं।

गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी शांतिरक्षकों पर हमले बढ़ने के बीच नागरिकों की रक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगा रहे हैं और वर्षों से कांगो में मौजूद संयुक्त राष्ट्र बलों से देश छोड़कर जाने की मांग कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने हिंसा की निंदा करते हुए सरकार से दोषियों को सजा देने का आह्वान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को निशाना बनाकर किया गया कोई भी हमला युद्ध अपराध के दायरे में आ सकता है।

एपी

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