फैसला सुनते समय रज्जाक शांत थे और उनके चेहरे पर कोई भाव नजर नहीं आ रहा था। वह मलेशिया के पहले ऐसे नेता हैं, जो दोषी करार दिए गए हैं। उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है। सजा सुनाये जाने से पहले संक्षिप्त टिप्पणी में उन्होंने शपथ के साथ कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार की कोई जानकारी नहीं थी।
न्यायाधीश मोहम्मद नजलान गजाली ने नजीब को सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में 12 वर्ष की सजा, वहीं आपराधिक अमानत में खयानत के तीन आरोपों में 10-10 वर्ष जेल की सजा सुनायी और धनशोधन के तीन आरोपों के लिए 10-10 वर्ष की सजा सुनायी। न्यायाधीश ने साथ ही नजीब पर 21 करोड़ रिंगित का जुर्माना भी लगाया। हालांकि न्यायाधीश ने आदेश दिया कि ये सजा साथ साथ चलेंगी यानी नजीब को 12 वर्ष जेल की सजा काटनी होगी।
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रज्जाक को मंगलवार को मलेशिया के एक सरकारी निवेश कोष से अरबों डालर गबन के अपराध लिए दोषी ठहराया गया था। अरबों डॉलर के इस घोटाले को लेकर जनता में गुस्से के कारण 2018 में नजीब की पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
यह फैसला नयी सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में नजीब की मलय पार्टी के बड़े सहयोगी के रूप में शामिल होने के पांच महीने बाद आया है। यह फैसला नजीब के खिलाफ भ्रष्टाचार के पांच मुकदमों में से एक में आया है।
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विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला नजीब के अन्य मुकदमों पर असर डालेगा और कारोबारी समुदाय को भी यह संकेत जाएगा कि मलेशिया का कानूनी तंत्र में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों से निपटने की ताकत है।
न्यायाधीश मोहम्मद नजलान गजाली ने दो घंटे तक अपने फैसले को पढ़ने के बाद कहा, ‘‘मैं आरोपी को दोषी पाता हूं और सभी सात आरोपों में दोषी करार देता हूं।’’
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