देश की खबरें | ओड़िशा में महानदी में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक : मुख्यमंत्री ने कहा, कोई हताहत ना हो

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में महानदी के क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है तथा आठ जिलों के कई गांव जलमग्न हो गये हैं वहीं राज्य के के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रदेश में बाढ़ के कारण ‘‘कोइ हताहत नहीं’’ हो।

भुवनेश्वर, 16 अगस्त ओडिशा में महानदी के क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है तथा आठ जिलों के कई गांव जलमग्न हो गये हैं वहीं राज्य के के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रदेश में बाढ़ के कारण ‘‘कोइ हताहत नहीं’’ हो।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने संवाददाताओं को बताया कि महानदी घाटी क्षेत्र के लिये अगले 24 से 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मौसम में प्रदेश में पहली बार बाढ़ आयी है ।

अधिकारियों ने बताया कि सप्ताह भर तक रहे कम दबाव के मौसम के कारण महानदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात पैदा हुए है ।

पटनायक द्वार स्थिति की समीक्षा करने के बाद जेना ने कहा, ‘‘महानदी नदी में बाढ़ की स्थिति चिंताजन है । प्रदेश के लिये अगले 24 से 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कटक के पास मुंडाली बैराज में लगभग 12 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी बहेगा और संपर्क वाली अन्य नदियों में जल स्तर लगभग 10 लाख क्यूसेक रहेगा।’’

उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटों में चरम स्थिति से गुजरने के बाद विभिन्न गेज बिंदुओं में जल स्तर गिर जाएगा।

एसआरसी ने कहा कि अधिकतम जल स्तर 12 लाख क्यूसेक के भीतर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इसे मध्यम बाढ़ के दायरे में रखा जा सके। प्रशासन ने इसके मद्देनजर सोमवार को हीराकुंड बांध के आठ और फाटकों को बंद कर दिया ।

एक सवाल के जवाब में जेना ने कहा, ‘‘अब चूंकि हीराकुंड जलाशय में जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए और गेट खोलने पर फैसला मंगलवार दोपहर समीक्षा के बाद किया जाएगा।’’

जेना ने कहा कि हीराकुंड जलाशय में जलस्तर 626 फुट तक पहुंचने के बाद महानदी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति दोहपर 12 बजे तक भयावह हो गयी । इस जलाशय की क्षमता 630 फुट की है ।

जेना ने बताया कि पटनायक ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कोई हताहत नहीं हो । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके अलावा सड़कों की मरम्मत एवं बाढ़ से प्रभावित संचार सेवाओं को ठीक करने का भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया ।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रत्येक जीवन राज्य के लिये महत्वपूर्ण है, और इस तरह के प्रयास होने चाहिये कि इस आपदा के कारण कोई भी हताहत नहीं हो ।’’

प्रदेश के दस जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश देते पटनायक ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खाली कराये जाने के लिए कहा । मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित स्थानों से भी लोगो को निकालने का निर्देश दिया ।

उन्होंने मुख्य सचिव और विशेष राहत आयुक्त से यह भी सुनिश्चित करने के लिये कहा कि बचाव और राहत दल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में रहें।

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