देश की खबरें | रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में जान गंवाने वाले 18 लोगों में से पांच की मौत दम घुटने से हुई: अस्पताल

नयी दिल्ली, 16 फरवरी नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में जान गंवाने वाले 18 लोगों में से पांच की मौत दम घुटने से हुई। राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने रविवार को यह जानकारी दी।

अस्पताल ने कहा कि एलएनजेपी द्वारा शवों को आरएमएल अस्पताल को सौंप दिया गया जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया।

एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, "आरएमएल अस्पताल में कोई घायल नहीं लाया गया। हमें एलएनजेपी से पोस्टमार्टम के लिए पांच शव मिले। उनमें से चार महिलाएं और एक पुरुष था।"

रेलवे स्टेशन पर रात में मची भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह घटना तब हुई जब कुछ यात्री पैदल पार पथ से उतरते समय फिसलकर दूसरों पर गिर गए।

रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। उस समय प्लेटफार्म संख्या 14 और 15 पर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जाने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी थी।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि घटना के समय पटना जाने वाली मगध एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या 14 पर खड़ी थी और नयी दिल्ली-जम्मू उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या 15 पर खड़ी थी।

उन्होंने भगदड़ का कारण बताते हुए कहा, "कुछ लोग सीढ़ियों का उपयोग कर पैदल पार पथ से प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 की ओर उतर रहे थे, वे फिसल गए और दूसरों पर गिर गए।"

कुछ सूत्रों ने कहा कि ट्रेनों के प्रस्थान में देरी और हर घंटे 1,500 जनरल टिकटों की बिक्री के कारण स्टेशन पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई, जबकि अन्य सूत्रों ने कहा कि प्लेटफॉर्म बदलने के बारे में गलत घोषणा के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिसके कारण भगदड़ मची।

रेलवे ने दो उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के नामों की घोषणा की है, जो भगदड़ की जांच के लिए गठित जांच समिति का हिस्सा होंगे।

रेलवे ने कहा कि नरसिंह देव, प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक, उत्तर रेलवे और पंकज गंगवार, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, उत्तर रेलवे समिति के सदस्य हैं।

समिति ने जांच शुरू की है और नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सभी वीडियो फुटेज सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं। भगदड़ के बाद रेलवे ने शनिवार को जांच के आदेश दिए थे।

रेलवे ने कहा कि घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भगदड़ में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया है।

मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में लोगों की मौत होने के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि प्राधिकारी इस स्थिति से प्रभावित सभी लोगों की सहायता कर रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से अत्यंत दुखद खबर मिली है। मैं रेलवे प्लेटफॉर्म पर भगदड़ के कारण हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’

विपक्षी दलों ने भगदड़ की इस घटना को लेकर सरकार की आलोचना की।

कांग्रेस ने सरकार पर भगदड़ में हुई मौतों के बारे में सच्चाई छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे एक बार फिर रेलवे की ‘‘विफलता’’ और सरकार की ‘‘असंवेदनशीलता’’ उजागर हुई है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कहा कि यह ‘‘घोर कुप्रबंधन’’ और भीड़ नियंत्रण उपायों की कमी का ज्वलंत उदाहरण है।

दिल्ली पुलिस ने 18 मृतकों की सूची जारी की और भगदड़ की जांच शुरू की।

एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमारा मुख्य लक्ष्य भगदड़ के मुख्य कारण की जांच करना है। हम सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान की गई घोषणाओं का सारा डेटा एकत्र करेंगे।"

अस्पताल सूत्रों ने बताया कि सभी मृतकों के शव रविवार सुबह नौ बजे तक उनके परिजनों को सौंप दिए गए।

कुछ सूत्रों ने बताया कि अधिकांश परिवार के सदस्य अपने प्रियजनों के शवों को पोस्टमार्टम कराए बिना ही ले गए, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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