जयपुर, 17 अक्टूबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस छोड़कर जाने वाले युवा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए सोमवार को कहा कि जिन लोगों को बिना रगड़ाई (कड़ी मेहनत) के पद मिल गया, वे फितूर कर रहे हैं और पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। ऐसे लोगों को अवसरवादी बताते हुए गहलोत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद कोई भी नेता कांग्रेस छोड़ने से पहले हजार बार सोचेगे।
इसके साथ ही गहलोत गुजरात व हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव अलग अलग तिथियों पर करवाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग की मंशा पर सवाल उठाया।
युवा नेताओं की कांग्रेस से नाराजगी के सवाल पर गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा,'युवा वर्ग नाराज नहीं है। जो लोग छोड़कर गए हैं वे अवसरवादी लोग हैं। उनको कम उम्र में मौका मिलने का केंद्रीय मंत्री बनने का, जो फितूर कर रहे हैं देश में। फितूर वही कर रहे हैं जिनको पहले मौका मिल गया।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘मौका मिलना चाहिए था रगड़ाई होने के बाद में, उसके बजाय उन्हें पहले ही मौका उनको मिल गया इसलिए वे फितूर कर रहे हैं और पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। चाहे वह (ज्योतिरादित्य) सिंधिया हों, जितिन प्रसाद हों, आरपीएन सिंह, कम उम्र में मौका मिल गया इनको ... इनको कम उम्र में इनको मौका मिल गया बताइए आप, केंद्रीय राज्य मंत्री, मैं उप मंत्री बना था इंदिरा जी के साथ में, इनको सीधे राज्य मंत्री बनाया गया, अच्छे-अच्छे विभाग दिए गए, उसके बाद में भी छोड़कर चले जाएं पार्टी को, इससे बड़ा अवसरवाद क्या हो सकता है?
नौजवानों को सब्र करने की नसीहत देते हुए गहलोत ने कहा, ‘‘तो ये युवा पीढ़ी जो है उनका हम सम्मान करते हैं। सब्र करना चाहिए नौजवानों को, कभी मौका, अच्छे दिन आएंगे, इनके दिन भी अच्छे आएंगे, कोई रोक नहीं सकता, अवसर मिलेंगे इन लोगों को, जल्दबाजी जितनी करेंगे, उतनी ठोकर खाते जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि युवाओं को पार्टी में मेहनत करनी चाहिए और मौका आने पर लीडरशिप उनको चांस देती है, जैसे हम लोगों को मौका मिला। इसके साथ ही उन्होंने कहा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद में मैं समझता हूं कि अब कोई पार्टी छोड़ेगा तो हजार बार सोचकर छोड़ेगा।
गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खरगे की जीत का भरोसा जताया और कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘खरगे साब बहुत भारी बहुमत से जीतेंगे। वे 50 साल से राजनीति में हैं तो ऐसे व्यक्तित्व के आदमी को अगर मौका मिलता है तो कांग्रेस में नई जान फूंकेंगे उनका अनुभव ही काम आएगा और अनुभव से ही काम होता है देखिए। युवा शक्ति अपनी मेहनत कर सकती है अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। अनुभव अनुभव ही होता है।’’
निर्वाचन आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश व गुजरात के विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम अलग अलग रखे जाने पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा, 'भारतीय निर्वाचन आयोग ने केवल हिमाचल प्रदेश के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है जिससे उसकी साख पर धक्का लग रहा है। मैं चाहूंगा कि आयोग पूरे देशवासियों को विश्वास में ले और बताए कि किन कारणों से आपने केवल हिमाचल में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। वोटों की गिनती साथ होगी लेकिन मतदान आप अलग अलग करवा रहे हैं क्या सुविधा आप भाजपा को देना चाहते हैं। ये बताओ।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘हमारा आरोप है कि ये बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी के इशारे के बिना संभव नहीं था। अगर निर्वाचन आयोग उनके इशारे पर चलेगा तो निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे।’’
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ के सवाल पर गहलोत ने कहा,'केवल मनीष सिसोदिया की बात क्यों करें। पूरे देश में कई मनीष सिसोदिया बन गए हैं जहां तमाम जगह पर आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई के छापे पड़ रहे हैं। हमारे यहां राजीनितक संकट (2020) के समय मेरे भाई के घर पर सीबीआई चली गई ये जो डरा धमकाकर राजनीति कर रहे हैं देश में बहुत खतरनाक मोड़ पर देश चल रहा है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इसलिए है कि भाजपा की ये तमाम हरकतें बंद होनी चाहिए।
गहलोत ने एक बार फिर चुनावी बांड को आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस मामले में प्राथमिकता से नियमित सुनवाई करनी चाहिए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY