विदेश की खबरें | यमन में आग : प्रवासियों ने अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रवासियों के एक हिरासत केंद्र में लगी इस आग में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।
प्रवासियों के एक हिरासत केंद्र में लगी इस आग में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।
सना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इथियोपियाई समुदाय के नेता ओटमन गिल्टो ने हादसे के लिए हुती विद्रोहियों की ‘लापरवाही’ को जिम्मेदार ठहराया जिसका सना पर नियंत्रण है।
उन्होंने इसके साथ ही यमन में सहायता के लिए मौजूद संयुक्त राष्ट्र को भी जिम्मेदार ठहराया।
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेंट (आईओएम) संगठन के मुताबिक, गत रविवार को जब आग लगी तो हिरासत केंद्र में करीब 900 प्रवासी थे, जिनमें से अधिकतर इथियोपिया के निवासी थे। इनमें से करीब 350 प्रवासी एक गोदाम में बंद थे।
आईओएम के महानिदेशक ने कहा, ‘‘ हिरासत केंद्र में क्षमता से तिगुने लोग थे, जो अमानवीय और असुरक्षित है।’’
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