जरुरी जानकारी | कर्ज धोखाधडी मामले में नीरा राडिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, उनकी कंपनी का आरोपों से इंकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नयति हेल्थकेयर की नीरा राडिया और चार अन्य के खिलाफ 300 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज के कथित गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
नयी दिल्ली, सात नवंबर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नयति हेल्थकेयर की नीरा राडिया और चार अन्य के खिलाफ 300 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज के कथित गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने अस्थि शल्य चिकित्सक राजीव शर्मा की शिकायत पर यह रपट लिखी है। उनका आरोप है कि नामजद व्यक्तियों ने उनसे दो अस्पताल खरीदे थे।
नयति हेल्थकेयर ने आरोपों को खरिज करते हुए कहा कि उन्होंने शर्मा के नेतृत्व वाली पिछली प्रबंधकीय गतिविधियों की फारेंसिक ऑडिट में पकड़े गए गबन और बुराइयों की जानकारी बकायदा पुलिस को पहले ही दे दी थी।
शर्मा के दो अस्पतालों में से एक ओएसएल हेल्थकेयर दक्षिण दिल्ली में है और एक निर्माणाधीन अस्पताल गुरुग्राम में था। इन्हें नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के जरिए खरीदा गया था। बाद में कंपनी का नाम नयति हेल्थकेयर एनसीआर रख दिया गया।
यह भी पढ़े | Chandigarh Bans Sale and Use Of Crackers: चंडीगढ़ में पटाखों की बिक्री और जलाने पर लगी पाबंदी.
राडिया और अन्य के नाम चार नवंबर को दर्ज करायी गयी रपट के मुताबिक शर्मा ने नारायणी इन्वेस्टमेंट, नीरा राडिया, करुणा मेनन, सतीश नरूला और यतीश, वहाल ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, बही-खाते में हेराफेरी, जालसाजी और धन के गबन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने कहा कि इन आरोपों की जांच की जा रही है।
शर्मा ने कहा है कि नारायणी इन्वेस्टमेंट ने डीएचएफएल सहित विभिन्न स्रोतों से 600 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाया था। इनकी ओर से नयति हेल्थकेयर एनसीआर में बहुलांश हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए 311 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।
शर्मा का आरोप है कि इस अधिग्रहण के बाद नारायणी इन्वेस्टमेंट और इन चार व्यक्तियों ने येस बैंक से गुरुग्राम के अस्पताल के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। उस कर्ज का पैसा अस्पताल के विकास पर लगाने के बजाय फर्जी कागजात के आधार पर उसका गबन कर लिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इन व्यक्तियों ने येस बैंक से 60 करोड़ रुपये का एक और कर्ज एक अन्य अस्पताल परियोजना के लिए लिया और उसका भी गबन कर लिया।
शर्मा ने कहा कि इन आरोपियों ने गलत तरीके से नयति हेल्थकेयर एनसीआर में उनकी हिस्सेदारी एक साल से भी कम समय में 49 प्रतिशत से घटा कर 6.3 प्रतिशत कर दी और बाकी का हिस्सा अपने नाम कर लिया।
संपर्क किए जाने पर नयति हेल्थकेयर के एक प्रवक्ता ने कहा कि शर्मा की शिकायत निराधार है। प्रवक्ता ने कहा कि शर्मा कंपनी के निदेशक मंडल में थे और वे कंपनी के सभी निर्णय और कार्य में शामिल थे।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि शर्मा के नेतृत्व वाले पिछले प्रबंधकीय कामों का फारेंसिक ऑडिट किए जाने के बाद गबन और बुराइयों के प्रकाश में आने के बाद इन बातों को उनके सामने रखा गया और पुलिस को शिकायत के रूप में उसकी बाकायदा जानकारी दी गयी।
प्रवक्ता ने कहा कि नयति हेल्थकेयर एनसीआर इस पुलिस जांच में सहयोग करने को प्रतिबद्ध है।
राडिया पहले पब्लिक रिलेशन कंपनी चलाती थी। उन्हेंने कुछ साल पहले नयति हेल्थकेयर का गठन किया। कंपनी के आगरा और मथुरा में भी कुछ अस्पताल हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)