देश की खबरें | फिल्मकारों को समाज की शांति भंग करने से बचना चाहिए: सिख संगठन ने विवेक अग्निहोत्री से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. “द कश्मीर फाइल्स” के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री द्वारा अपनी अगली फिल्म “द दिल्ली फाइल्स” के निर्माण की घोषणा करने के कुछ दिन बाद महाराष्ट्र सिख एसोसिएशन ने सोमवार को कहा कि फिल्मकारों को “समाज की शांति भंग करने से बचना चाहिए।”

मुंबई, 18 अप्रैल “द कश्मीर फाइल्स” के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री द्वारा अपनी अगली फिल्म “द दिल्ली फाइल्स” के निर्माण की घोषणा करने के कुछ दिन बाद महाराष्ट्र सिख एसोसिएशन ने सोमवार को कहा कि फिल्मकारों को “समाज की शांति भंग करने से बचना चाहिए।”

अग्निहोत्री ने गत सप्ताह अपनी नई फिल्म के निर्माण की घोषणा की थी। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि फिल्म 1984 में हुए सिख विरोधी दंगे पर आधारित होगी लेकिन अभी तक निर्देशक ने विषयवस्तु की पुष्टि नहीं की है।

महाराष्ट्र सिख एसोसिएशन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह “रचनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत लाभ के लिए सिख दंगों जैसी मानवीय त्रासदी का व्यवसायीकरण करने का कड़ाई से विरोध करता है।”

इस पर अग्निहोत्री ने कहा कि एक फिल्मकार के रूप में उन्हें खुद को व्यक्त करने का और उनकी अंतरात्मा जिस प्रकार उन्हें दिशा देती है वैसी फिल्म बनाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने फिल्म की विषयवस्तु का खुलासा अभी नहीं किया है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता यह कौन सा संगठन है। मैं एक भारतीय हूं, मैं एक संप्रभु देश में रहता हूं जिसने मुझे यह अधिकार दिया है कि मैं जिस तरह खुद को व्यक्त करना चाहूं, कर सकता हूं। मैं वह बनाऊंगा जो मैं बनाना चाहता हूं, जो मेरी अंतरात्मा कहती है। मैं किसी संगठन या किसी का सेवक नहीं हूं।”

अग्निहोत्री ने कहा, “मैंने अभी यह खुलासा तक नहीं किया है कि मैं क्या बनाने जा रहा हूं, क्यों बनाने जा रहा हूं। लोग कयास लगा रहे हैं, जो वो कर सकते हैं। लेकिन अंत में सीबीएफसी को यह तय करना है कि मैं किस तरह की फिल्म बनाऊंगा और उसे रिलीज करना चाहिए या नहीं।”

महाराष्ट्र सिख एसोसिएशन खुद को राज्य में सिख समुदाय का सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और धार्मिक कार्य करने वाला संगठन बताता है। संगठन की ओर से कहा गया कि अग्निहोत्री को “द कश्मीर फाइल्स” से उपजे “विवाद और प्रचार से बल मिला है” और अब वह 1984 के दंगों जैसी मानवीय त्रासदी का व्यवसायीकरण करना चाहते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\