जरुरी जानकारी | एफआईईओ ने वाणिज्य मंत्रालय से ‘बेंगलूरु रोज’ प्याज को निर्यात प्रतिबंध सूची से हटाने की अपील की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. निर्यातकों का शीर्ष निकाय फियो ने वाणिज्य मंत्रालय से 'बेंगलुरु रोज' प्याज पर निर्यात प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि प्याज के इस किस्म की बहुत कम मांग है।
नयी दिल्ली, 25 सितंबर निर्यातकों का शीर्ष निकाय फियो ने वाणिज्य मंत्रालय से 'बेंगलुरु रोज' प्याज पर निर्यात प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि प्याज के इस किस्म की बहुत कम मांग है।
सरकार ने 14 सितंबर को, प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। इस पहल का उद्देश्य घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता को बढ़ाना तथा बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना था।
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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र में, भारत निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एसके सर्राफ ने प्याज के उन निर्यात खेपों के लिए मंजूरी मांगी है जो निर्यात के विभिन्न चरणों में हैं और अब निर्यातकों के संरक्षण में नहीं हैं। विशेषकर निर्यात की वे खेपें जो रेलवे रसीद के एवज में रेलवे के जरिये ‘बुक’ किये गये हैं या निर्यात करने के लिए सीमा शुल्क विभाग के पास हैं।
पत्र में कहा गया है, "इस तरह के उपाय प्याज निर्यातकों को होने वाली कठिनाइयों को तुरंत और आंशिक रूप से राहत देंगे। हम उम्मीद करते हैं कि आप इस मामले पर अनुकूल ढंग से विचार करेंगे।"
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सर्राफ ने कहा है कि बेंगलूरु रोज जैसे प्याज की कुछ किस्मों की घरेलू मांग नहीं के बराबर है और इस प्रकार उनके निर्यात पर प्रतिबंध उचित नहीं है।
उन्होंने लिखा, "इसलिए हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि बेंगलूरु रोज प्याज को प्रतिबंधित सूची से बाहर निकालने पर विचार करें।"
कर्नाटक सरकार ने केंद्र से भी प्याज के इस किस्म के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है क्योंकि इससे राज्य में छोटे और सीमांत किसानों को भारी लाभ होगा।
एक अनुमान के मुताबिक, बेंगलूरु रोज का सालाना उत्पादन लगभग 60,000 टन प्रति वर्ष का है। लगभग 90 फीसदी उत्पादन मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों को निर्यात किया जाता है।
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