देश की खबरें | किसान हिंसा: अदालत ने एक व्यक्ति को दी जमानत
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नयी दिल्ली, 30 मार्च दिल्ली की एक अदालत ने केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के विरूद्ध किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में एक व्यक्ति को जमानत दे दी और कहा कि उस समय आरोपी की महज मौजूदगी एवं लालकिले की दीवार पर उसका चढ़ जाना उसे हिरासत में रखे जाने को सही नहीं ठहरा सकते हैं।
अदालत ने यह भी कहा कि उकसाने या पुलिस पर हमला करने वाले के तौर पर सक्रिय भूमिका भी आरोपी को नहीं दी गयी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चारू अग्रवाल ने आरोपी आकाशप्रीत सिंह को 25000 रूपये के जमानती बांड और उतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दे दी।
अदालत ने कहा कि फिलहाल सिंह के विरूद्ध अभियोजन पक्ष के पास एक मात्र सबूत मौके यानी लालकिले पर उसके मौजूद होने के फोटो हैं जिसमें वह दीवार पर चढ़ रहा है।
अदालत ने कहा, ‘‘ इस कथित अपराध में आवेदक को (सिंह को) बतौर उकसाने वाले या पुलिस पर हमला करने वाले के तौर पर सक्रिय भूमिका नहीं दी गयी थी, बस वहां उसका मौजूद होना एवं दीवार पर चढ़ना ही उसे और हिरासत में रखे जाने को सही नहीं ठहरा सकते क्योंकि वह तीन फरवरी, 2021 से ही न्यायिक हिरासत में है।’’
न्यायाधीश अग्रवाल ने कहा कि उसके विरूद्ध जांच भी पूरी हो गयी है।
सिंह के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को गलत ढंग से फंसाया गया है।
सरकारी वकील ने सिंह की जमानत अर्जी का विरोध किया और कहा कि शुरू में सिंह ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर संजय गांधी नगर और बुराड़ी में पुलिस बैरीकेड को तोड़ा और बाद में वे जबरन लालकिले में घुस गये और वहां पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
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