ताजा खबरें | मानसून के दौरान विशेष मामलों को छोड़कर सतलुज व व्यास नदियों का पानी नहीं छोड़ा जाता: सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत मानसून के दौरान दुर्लभ मामलों को छोड़कर पाकिस्तान को सतलुज और व्यास नदियों का पानी नहीं छोड़ता है।

नयी दिल्ली, छह फरवरी सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत मानसून के दौरान दुर्लभ मामलों को छोड़कर पाकिस्तान को सतलुज और व्यास नदियों का पानी नहीं छोड़ता है।

सिंधु जल संधि (1960) के अधीन भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारा दशकों से विवाद का विषय रहा है।

संधि के तहत भारत का सतलुज, व्यास और रावी नदियों पर नियंत्रण है, जबकि पाकिस्तान सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का प्रबंधन करता है।

केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सतलुज और व्यास नदियों का पानी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही पाकिस्तान पहुंचता है, वो भी खासकर मानसून के मौसम में जब भारी बारिश के कारण जलाशयों में जल स्तर बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मानसून के मौसम में यानी बाढ़ के दौरान जब इन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा होती है, तो उस समय को छोड़कर सतलुज और व्यास नदियों का पानी पाकिस्तान नहीं जाता है।’’

चौधरी ने अपने उत्तर में कहा, ‘‘ऐसी स्थिति असाधारण परिस्थितियों में या अल्पावधि मानसून के दौरान उत्पन्न हो सकती है, जब बांधों में संग्रहित जल स्तर बहुत अधिक हो जाता है और बांध सुरक्षा के लिए पानी छोड़ना आवश्यक हो जाता है।’’

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