हैदराबाद, आठ जून केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वाई एस अविनाश रेड्डी को उनके चाचा एवं पूर्व मंत्री वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के सिलसिले में बृहस्पतिवार को ‘गिरफ्तार’ किया, लेकिन तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार किए जाने के मद्देनजर उन्हें तत्काल रिहा कर दिया गया।
अविनाश रेड्डी तीन जून को केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश भी हुए थे।
सूत्रों ने बताया कि अविनाश रेड्डी को सीबीआई ने ‘गिरफ्तार’ कर लिया और कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उसी समय जमानत पर रिहा कर दिया गया।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत याचिका 31 मई को स्वीकार की थी। अदालत ने जमानत स्वीकार करते हुए यह भी निर्देश दिया था कि अविनाश जांच पूरी होने तक सीबीआई की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ें, अभियोजन के पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें।
अदालत ने निर्देश दिया था कि अविनाश जांच में सहयोग करेंगे और जून, 2023 के अंत तक प्रत्येक शनिवार को सीबीआई के सामने पेश होंगे।
उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया था कि याचिकाकर्ता को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत पर रिहा किया जाए।
ऐसा बताया जाता है कि सांसद ने सभी शर्तों को पूरा किया है।
मार्च 2019 में विवेकानंद रेड्डी की हत्या के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई अविनाश रेड्डी सीबीआई जांच के घेरे में हैं।
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