देश की खबरें | विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास ‘ग्रुप हाउसिंग’ बनाने के लिए दी गई पर्यावरण मंजूरी रद्द

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नयी दिल्ली, 31 मई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के करीब ‘ग्रुप हाउसिंग’ के निर्माण के लिए एक निजी बिल्डर को दी गई पर्यावरण मंजूरी मंगलवार को रद्द कर दी।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी (ईसी) उचित आकलन किए बिना दी गई।

अधिकरण ने कहा, ‘‘हमारा निष्कर्ष है कि पर्यावरण मंजूरी उचित मूल्यांकन किए बिना दी गई। परियोजना को उसकी संपोषणीयता या उपलब्ध आंकड़ों के संदर्भ में उचित मूल्यांकन किए बिना मंजूरी नहीं दी जा सकती। इस अधिकरण द्वारा हस्तक्षेप किये जाने का मामला बनाया गया है।’’ इस पीठ में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल भी शामिल थे।

गौरतलब है कि रियल एस्टेट कंपनी यंग बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के बगल में आवासीय परिसर का निर्माण कर रही है।

विश्वविद्यालय ने इससे पहले परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी को चुनौती दी थी और दावा किया था कि यह दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 का उल्लंघन है। साथ ही इसे जनहित के विपरीत बताया था।

वहीं, बिल्डर ने एनजीटी के समक्ष तर्क दिया कि उसने पर्यावरण मंजूरी ले ली है,इसलिए उसे चुनौती नहीं दी जा सकती।

गौरतलब है कि ‘ग्रुप हाउसिंग’ परिसर का निर्माण 1,3 कैवलरी लेन और 4 छात्र मार्ग पर 1,37,879.64 वर्ग मीटर पर हो रहा है।

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