जरुरी जानकारी | नौ अगस्त को निजीकरण विरोधी दिवस के रूप में मनाएंगे इंजीनियर

नयी दिल्ली, सात अगस्त ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने सोमवार को कहा कि वह सरकार के ‘निजीकरण अभियान’ के विरोध में नौ अगस्त को निजीकरण विरोधी दिवस के रूप में मनाएगा। .

यह निर्णय पिछले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) की बैठक में लिया गया।

एसोसिएशन ने बयान में कहा, बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के महासचिव पी रत्नाकर राव ने की।

इसमें कहा गया है, ‘‘एआईपीईएफ, बिजली (संशोधन) विधेयक-2022 सहित (सरकार द्वारा) सभी निजीकरण प्रयासों को वापस लेने के नारे के साथ नौ अगस्त को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और केंद्र शासित प्रदेशों में, निजीकरण विरोधी दिवस मनाएगा।’’

एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि 124 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और 2,400 संविदा कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश में नौकरी से हटा दिया गया है और उन्हें अभी तक बहाल नहीं किया गया है।

दुबे ने दावा किया कि यूपी पावर कॉरपोरेशन 70,000 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर उनकी जगह पूर्व सैनिकों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है।

एआईपीईएफ के प्रवक्ता वी के गुप्ता ने कहा कि एनसीसीओईईई संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बिजली (संशोधन) विधेयक-2022 का विरोध करने के लिए ‘‘दिल्ली चलो रैली’’ का आयोजन करेगा।

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