विदेश की खबरें | यूएसएड से निकाले गए कर्मचारी अपना सामान लेने एजेंसी के कार्यालय पहुंचे
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

प्रशासन द्वारा 15 मिनट के भीतर उन्हें कार्यालय खाली करने को कहा गया। इस दौरान संघीय अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई।

कुछ कर्मचारी अपना सामान ले जाते समय रो पड़े। हालांकि, बाहर खड़े समर्थकों ने उनका अभिवादन किया और उत्साह बढ़ाया।

यूएसएड, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सरकारी दक्षता विभाग द्वारा संघीय सरकार के आकार को कम करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का सबसे प्रमुख लक्ष्य रहा है।

यह विभाग ट्रंप के सलाहकार एलन मस्क की परियोजना है। यूएसएड की कार्रवाइयों के कारण इसके कर्मचारियों का केवल एक छोटा हिस्सा ही नौकरी में रह गया है।

ट्रंप और मस्क ने एजेंसी को बंद करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने इसके कार्यक्रमों को रिपब्लिकन राष्ट्रपति के एजेंडे के अनुरूप नहीं बताया है और बिना किसी सबूत के यह दावा किया है कि इसका काम बेकार है।

यूएसएड कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अमेरिकी विदेश सेवा संघ के उपाध्यक्ष रैंडी चेस्टर ने कहा, ‘‘हम यहां केवल आपकी सेवा के लिए धन्यवाद कहने आए हैं। आपने जो कुछ भी किया है और अपने देश की सेवा में जो भी त्याग किया है, हम उसकी सराहना करते हैं।’’

यूएसएड ने दुनिया भर में काम कर रहे अपने 4,080 कर्मचारियों को सोमवार को छुट्टी पर भेज दिया।

विदेश विभाग के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए पूछे गए सवालों के जवाब में बताया कि इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या में कटौती भी की गई है, जिसका असर 1,600 अन्य कर्मचारियों पर पड़ेगा।

एपी

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