देश की खबरें | एल्गार परिषद मामला: अदालत ने जगताप की ज़मानत याचिका पर महाराष्ट्र व एनआईए से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता ज्योति जगताप की याचिका पर बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब मांगा है। जगताप ने उन्हें ज़मानत देने से इनकार करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
नयी दिल्ली, चार मई उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता ज्योति जगताप की याचिका पर बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब मांगा है। जगताप ने उन्हें ज़मानत देने से इनकार करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा, "नोटिस जारी करें। जुलाई, 2023 के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करें।"
जगताप ने 17 अक्टूबर 2022 के उच्च न्यायालय के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार किया गया था। फैसले में कहा गया था कि एनआईए का मामला ‘‘प्रथम दृष्टया सही’’ है और वह प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) द्वारा रची गई "एक बड़ी साजिश" का हिस्सा थीं।
अदालत ने कहा था कि जगताप उस कबीर कला मंच (केकेएम) समूह की सक्रिय सदस्य थीं, जिसने 31 दिसंबर, 2017 को पुणे शहर में एल्गार परिषद सम्मेलन में अपने नाटक के दौरान न केवल "आक्रामक, बल्कि अत्यधिक भड़काऊ नारे" लगाए।
अदालत ने कहा था, "हमारा मानना है कि अपीलकर्ता (जगताप) के खिलाफ एनआईए के आरोपों पर भरोसा करने के लिए उचित आधार हैं...।’’
एनआईए के अनुसार, केकेएम प्रतिबंधित आतंकी संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा-माओवादी) का एक मुखौटा संगठन है।
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