जरुरी जानकारी | ईडी ने फंसे कर्ज से संबंधित धोखाधड़ी के 490 मामले दर्ज किये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले पांच साल में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक की गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) से संबंधित बैंक धोखाधड़ी के 490 मामले दर्ज किए हैं। मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी गई।

नयी दिल्ली, 25 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले पांच साल में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक की गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) से संबंधित बैंक धोखाधड़ी के 490 मामले दर्ज किए हैं। मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी गई।

वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा, ‘‘20 जुलाई, 2023 तक, अपराध से प्राप्त लगभग 26,732.68 करोड़ रुपये की राशि कुर्क/जब्त की गई है, 82 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और विशेष अदालत, पीएमएलए के समक्ष 80 अभियोजन शिकायतें दायर की गई हैं।’’

उन्होंने कहा, इसके अलावा 15,113.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है।

कराड यह भी कहा कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के 20 करोड़ रुपये और उससे अधिक के एनपीए में पिछले पांच वित्त वर्ष में कमी देखी गई है।

वित्त वर्ष 2018-19 के अंत में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) 7,09,907 करोड़ रुपये थी। अगले साल यह घटकर 6,32,619 करोड़ रुपये रह गयी।

मार्च 2023 के अंत में एनपीए और कम होकर 2,66,491 करोड़ रुपये रह गया।

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