देश की खबरें | ईडी ने बेंगलुरु में सोरोस की फंडिंग एजेंसी और निवेश शाखा पर छापेमारी की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस द्वारा स्थापित ‘निजी वित्तपोषण एजेंसी’’ ओएसएफ और इसकी निवेश शाखा ईडीएफ के खिलाफ कथित विदेशी मुद्रा विनिमय कानून के उल्लंघन मामले में मंगलवार को बेंगलुरु में छापेमारी की कार्रवाई की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 18 मार्च प्रवर्तन निदेशालय ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस द्वारा स्थापित ‘निजी वित्तपोषण एजेंसी’’ ओएसएफ और इसकी निवेश शाखा ईडीएफ के खिलाफ कथित विदेशी मुद्रा विनिमय कानून के उल्लंघन मामले में मंगलवार को बेंगलुरु में छापेमारी की कार्रवाई की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) और इकनॉमिक डेवलपमेंट फंड (ईडीएफ) के कुछ लाभार्थियों के आठ परिसरों की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत तलाशी ली गई। इनमें से कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों से जुड़े लोग और एस्पाडा इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों ने बताया कि एस्पाडा इन्वेस्टमेंट्स भारत में सोरोस ईडीएफ (एसईडीएफ) का निवेश सलाहकार या कोष प्रबंधक है। यह मॉरीशस की एक इकाई की ‘पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी’ है।
उन्होंने बताया कि एसईडीएफ ‘‘ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) की प्रभाव निवेश शाखा है’’।
यह जांच सोरोस की दो संस्थाओं द्वारा कथित रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त करने तथा कुछ लाभार्थियों द्वारा फेमा दिशानिर्देशों का कथित उल्लंघन करते हुए इन निधियों का उपयोग करने से संबंधित है।
ईडी सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ओएसएफ को 2016 में गृह मंत्रालय ने ‘पूर्व संदर्भ श्रेणी’ में रखा था और इसे भारत में गैर सरकारी संगठनों को ‘अनियंत्रित तरीके से’ दान देने से ‘प्रतिबंधित’ किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध को निष्प्रभावी करने के लिए ओएसएफ ने भारत में सहायक कंपनियां बनाईं और एफडीआई तथा परामर्श शुल्क के रूप में धन लाया तथा इन निधियों का उपयोग एनजीओ की गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए किया गया, जो फेमा का उल्लंघन है।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी सोरोस ईडीएफ और ओएसएफ द्वारा एफडीआई के जरिये लाई गई अन्य राशि के अंतिम उपयोग की भी जांच कर रही है।
‘पीटीआई-’ने ओएसएफ को ईमेल भेजकर इस संबंध में उससे जानकारी मांगी है और जवाब की प्रतीक्षा है।
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