देश की खबरें | ईडी ने चिटफंड मामले में गोल्डेनलैंड ग्रुप की 1428 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

भुवनेश्वर, 28 अप्रैल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने एक चिटफंड मामले में ‘गोल्डनलैंड ग्रुप ऑफ कंपनीज’ की 1,428 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

ईडी ने एक बयान में दावा किया कि उसकी जांच से पता चला है कि ‘गोल्डन लैंड डेवलपर्स लिमिटेड’ और ‘जीएलपी डेवलपर्स लिमिटेड’ से जुड़े व्यक्तियों, संस्थाओं और कंपनियों ने ‘रियल एस्टेट’ विकास की आड़ में ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जनता से अवैध रूप से भारी मात्रा में रकम जुटायी।

ईडी ने आरोप लगाया कि उसने भोले-भाले लोगों को ऊंचे रिटर्न का झूठा वादा करते हुए ‘भूखंड बुकिंग’ की आड़ में एकमुश्त जमा, आवर्ती जमा और मासिक निवेश योजनाओं एवं अन्य अवैध वित्तीय कारोबार शुरू किये।

बयान में आरोप लगाया गया है, ‘‘सहयोगी कंपनियों तथा निदेशकों और सहयोगियों के खातों में बड़े पैमाने पर नकदी अंतरण का भी पता चला है।’’

उसमें कहा गया है, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स गोल्डनलैंड ग्रुप ऑफ कंपनीज की 1428 करोड़ रुपये की वर्तमान कीमत वाली संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।’’

इन संपत्तियों में 15.06 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि और ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 1,000 एकड़ जमीन के अलावा कुछ निर्मित इमारतें और संरचनाएं शामिल हैं।

ईडी ने पिछले साल फरवरी में ओडिशा, पंजाब, चंडीगढ़ में इन कंपनियों से जुड़े लोगों की संपत्तियों की तलाशी ली थी।

निदेशालय ने भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी।

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