देश की खबरें | ईडी और सीबीआई राजस्‍थान में घुसने के लिए तड़प रही हैं: गहलोत

जयपुर, पांच जून प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में सोमवार को राजस्‍थान में कई स्थानों पर छापेमारी के बीच मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी, आयकर विभाग और केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) राजस्‍थान में घुसने के लिए तड़प रही हैं, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इसके साथ गहलोत ने इन एजेंस‍ियों के अधिकारियों से अपील की है वे क‍िसी 'ऊपरी दबाव' में ना आकर कानूनी ‘प्रणाली’ के अनुरूप काम करें ताकि इनकी साख बनी रहे।

गहलोत ने इस बारे में पूछे जाने पर यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘ईडी, आयकर, सीबीआई तड़प रही है राजस्‍थान में घुसने के लिए।’’

इसके साथ ही गहलोत ने इसे राज्‍य के भ्रष्‍टाचार रोधी ब्‍यूरो (एसीबी) के काम में हस्तक्षेप बताते हुए कहा क‍ि राजस्‍थान की एसीबी ने देशभर में सबसे शानदार काम किया है।

गहलोत ने एसीबी द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्य को गिरफ्तार क‍िए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसने आरपीएससी के सदस्य के अलावा जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पकड़ा है।

उन्होंने कहा कि एसीबी का देशभर में कोई जवाब नहीं है, क्योंकि देशभर में इसने सबसे ज्यादा औ शानदार काम किया है।

उल्‍लेखनीय है कि ईडी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में धन शोधन की जांच के संबंध में राज्य में सोमवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य की राजधानी जयपुर, बाड़मेर और कुछ अन्य शहरों में कई स्थानों पर धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत छापे मारे गए।

गहलोत ने कहा क‍ि जिस-जिस राज्‍य में चुनाव करीब आते हैं वहां ईडी और आयकर की टीम पहुंच जाती है।

उन्‍होंने कहा,‘‘कर्नाटक में चुनाव आए तो वहां ईडी और आयकर के अधिकारी पहुंच गये।

उन्‍होंने कहा कि ईडी, आयकर विभाग व सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों की साख देश में अधि‍कतम होनी चाहिए।

गहलोत ने इन एजेंसियों के उच्चाधिकारियों से आग्रह क‍िया कि वे 'अनावश्यक ऊपरी' दबाव में ना आकर तय कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही काम करें।

गहलोत ने कहा,‘‘हम तो अपेक्षा करते हैं क‍ि ईडी की साख देश में उच्‍चतम होनी चाहिए। ईडी, आयकर और सीबीआई की साख (क्रेडिबिलिटी) उच्‍चतम रहे, इसके लिए मेरी दुआएं हैं और हम उनके साथ हैं। मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि आप अनावश्यक दबाव में आना बंद कर दें। ...जो तंत्र बना है उसी के अनुसार कार्रवाई करें।’’

गहलोत ने कहा कि वह छापेमारी और गिरफ्तारी करके जेल में भेजने का स्वागत करते हैं, लेकिन ये सब राजनीतिक बदले की भावना से और चुनाव जीतने के लिए नहीं होना चाहिए।

पश्नपत्र लीक मामले में पिछले महीने राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि कटारा को पकड़े जाने से पहले इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया था क्योंकि सरकार संदेश देना चाहती थी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। डोटासरा ने कहा,‘‘केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार राजनीतिक कारणों से ईडी, आयकर और सीबीआई का दुरुपयोग करती है.. जैसा उन्होंने कर्नाटक में किया और छत्तीसगढ़ में कर रहे हैं और मैं समझता हूं कि राजस्थान में उन्होंने अपना खेल चालू कर दिया है।’’

लेकिन डोटासरा ने कहा कि कोई यहां डरने वाला नहीं है, कोई यहां घबराने वाला नहीं है।

भाजपा के राज्यसभा सदस्‍य किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि 28 जगहों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। मीणा ने कहा, ‘‘इस (ईडी की कार्रवाई) से युवा बेरोजगारों के सपनों को बेचने वाले नकल माफिया दहशत में है। अब तक इन्हें संरक्षण दे रही राज्य सरकार को भी डर सता रहा है कि सच सामने आ गया तो खुद को गांधीवादी कहने वाले मुख्यमंत्री की पोल खुल जाएगी।’’

मीणा के अनुसार उन्‍होंने सबूतों के साथ खुलासा किया था कि पूरा भर्ती तंत्र नकल माफिया के चंगुल में है।

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकारी नौकरियां लूटकर और प्रश्नपत्र बेचकर लाखों-करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है तो ईडी जरूर आएगी।’’

उल्‍लेखनीय है कि राज्य में ऐसे कुछ मामले आए जब यह आरोप लगाया गया कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा के प्रश्नपत्र उम्मीदवारों को लीक कर दिए गए, जिसमें 2021 में राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षकों की भर्ती के दौरान और पिछले साल राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित एक परीक्षा शामिल है।

मामले की जांच कर रहे पुलिस के विशेष समूह (एसओजी) ने द्वितीय श्रेणी अध्‍यापक भर्ती परीक्षा-2022 का प्रश्नपत्र बेचने के मामले में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा के साथ उसके भतीजे विजय कटारा और आरपीएससी के एक चालक गोपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

पृथ्‍वी कुंज

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