ताजा खबरें | आर्थिक स्थिति चर्चा दो अंतिम रास
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि संसद पर 13 दिसंबर 2001 को आतंकी हमला हुआ और नौ लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि 1993 में मुंबई हमले ने 257 लोगों को मौत की नींद सुला दिया और फिर 26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले में करीब दो सौ लोग मारे गए थे।
उन्होंने कहा कि संसद पर 13 दिसंबर 2001 को आतंकी हमला हुआ और नौ लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि 1993 में मुंबई हमले ने 257 लोगों को मौत की नींद सुला दिया और फिर 26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले में करीब दो सौ लोग मारे गए थे।
उन्होंने कहा ‘‘आज देश में धमाके नहीं होते। आज हालात बहुत बदल गए हैं और यह केंद्र सरकार द्वारा किए गए विकास का ही नतीजा है।’’
कांग्रेस के एल हनुमंथैया ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में घटने के बावजूद हमारे देश में आम आदमी को राहत क्यों नहीं दी जा रही है? उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत आज कांग्रेस सरकार के समय की तुलना में लगभग दोगुना है।
उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद हो या बेरोजगारी या कोई अन्य क्षेत्र, हालात सुधरने के बदले बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा ‘‘पांच फीसदी अमीरों के पास देश की 60 फीसदी संपत्ति है और गरीबों के पास मात्र 30 फीसदी संपत्ति होना बताता है कि अमीरों और गरीबों के बीच की खाई कितनी गहरी है।’’
भाजपा के सकलदीप राजभर ने कहा ‘‘दो साल में देश में बुलेट ट्रेन चलने वाली है और आज चांद पर भारत अपना यान पहुंचा चुका है। यह भारत की स्वर्णिम विकास गाथा है।’’
उन्होंने कहा कि आज भारत अन्न के मामले में आत्मनिर्भर है और दूसरे देशों को अनाज मुहैया कराता है। ‘‘यह गौरवान्वित करने वाली उपलब्धियां हैं जो बताती हैं कि हम कितनी ठोस जमीन पर खड़े हैं।’’
इसी पार्टी के सदानंद शेट तानावड़े ने कहा ‘‘केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों ने कोविड काल के बाद मंदी की गिरफ्त में भारत को आने नहीं दिया जबकि दुनिया के दिग्गज देशों की अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है।’’
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में स्टार्ट अप के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है और पारदर्शिता वाले डिजिटल लेनदेन इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद जगाते हैं। उन्होंने कहा ‘‘हम ऐसे ही दावा नहीं करते कि हम 2047 तक विकसित देश बनेंगे और यह लक्ष्य हासिल करके ही रहेंगे।’’
भाजपा के ही अजय प्रताप सिंह ने कहा ‘‘गरीबों की झोपड़ी में जाना अलग बात है और गरीबों के कल्याण के लिए योजना बनाना, उनका ठोस क्रियान्वयन करना और उनके उत्थान के लिए समर्पित हो कर काम करना अलग-अलग बातें हैं।’’
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